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बिहार में आई बाढ़ से 30 लाख किसानों को हुआ 4000 करोड़ का नुकसान, जानिये क्या कर रही है सरकार…

पटना: कभी सूखा तो कभी बाढ़…किसान के माथे पर बड़े बल कभी नहीं हटते. इस साल भी हालत काफी खराब है. बिहार में आई बाढ ने सबसे अधिक मत्स्य पालन व्यवसाय को बर्बाद किया है. लगातार हो रही बारिश के कारण करोड़ों मछलियां बह गई है. एक आकलन के मुताबिक 30 लाख किसानों को करीब 4 हजार करोड़ का नुकसान हुआ. अब बिहार सरकार इसका आकलन लगा रही है. बिहार के पशुपालन मंत्री प्रेम कुमार ने TV9 हिंदी को बताया कि बाढ़ ने इस साल काफी नुकसान पहुंचाया है. किसानों को होने वाले नुकसान का आकलन के लिए मत्स्य जीवी समितियों के सहयोग से सर्वे भी कराए जा रहे हैं. आपदा प्रबंधन के नियम के आधार पर उनको सहयोग किया जाएगा.

किसानों को हुआ 4000 करोड़ का नुकसान

बिहार में पिछले दो महीने से बारिश और बाढ के कारण सबसे अधिक नुकसान मछली पालक किसान और इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को हुआ है. बिहार के 16 जिले इस समय बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए है. सरकारी सूत्रो के मुताबिक राज्य के तकरीबन 30 लाख से अधिक मछली पालने वाले परिवार प्रभावित हुए हैं. मत्स्य बीज उत्पादक, हेचरी और तालाब में पाली गई तकरीबन 2 लाख टन मछलियां पानी में बह गई हैं. सरकार के आकलन के अनुसार तकरीबन 4000 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है. मत्स्य जीवी संध के नेता ऋषि देव कश्यप ने TV9 हिंदी को बताया कि इस साल पिछले साल से ज्यादा नुकसान हो गया है, इस बार बाढ़ से हजारों तालाब मे पल रही मछलियां बह निकली है जिससे तकरीबन 5 हजार करोड़ का नुकसान हो गया है. किसानों के पास मछलियों के लिए बीमा नहीं है. मछलियों के प्रजनन के लिए सबसे उपयुक्त समय तो यही है भविष्य में पालने के लिए भी दूसरे स्थान से जीरा लाना पड़ेगा.

अब क्या कर रही है सरकार

सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार ने सभी बाढ़ प्रभावित जिलों में जिला प्रशासन से नुकसान का आकलन लगाने को कहा है. बिहार में फिलहाल समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज सितामढ़ी, पुर्णिया, पश्चिमी चंपारण, सहित 16 जिले के हजारों हेक्टर में पानी घुसा हुआ है.

लगातार हो रही बारिश से हुआ नुकसान

मत्सय जीवी समितियों के मुताबिक इस साल पिछले साल के मुकाबले ज्यादा नुकसान हुआ है. इसका सबसे बड़ा कारण  मई और जून में लगातार हो रही बारिश है. बारिश के चलते मछली पालक किसान मछलियों को निकाल नहीं पाए.

20 हजार से अधिक तालाब और पोखर बह गए

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बिहार में मछली पालन के लिए सबसे अधिक पोखरों और तालाबों पर ही वहां के किसान निर्भर रहते हैं. इस बार की बाढ़ से 20 हजार से अधिक तालाब और पोखरों का भारी नुकसान पहुंचा है. इसमें सबसे अधिक 2347 पोखरे दरभंगा जिले में हैं जिसेके बार में कहा जाता है कि यह जिला पोखरों में मछली और मखाना के खेती के नाम से ही जाना जाता है. समस्तीपुर में 1192, मुजफ्फरपुर में 1552, सिवान 1111, वैशाली में 898 पोखरें है जिनका बंदोबस्ती हो चुकी है. इसके अलावा सहरसा सिवान, छपरा, सुपौल, समेत कोसी क्षेत्र में हजारों पोखरें हैं. जो पानी में समाहित हो चुकी हैं और हजारों मीट्रिक टन मछलियां बह गई हैं.

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Author: nirbhiknazar

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