रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं कालेजों में शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने पदाधिकारियों से कहा है कि वे कुलपतियों के साथ बैठक कर नियुक्ति में आ रही अड़चनों को शीघ्र दूर करें, ताकि छात्रों की शिक्षा में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो। मुख्यमंत्री गुरुवार को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कालेजों में लाइब्रेरी की स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने सारे कालेजों में लाइब्रेरी की व्यवस्था को दुरुस्त करते हुए इसका संचालन आफलाइन के साथ-साथ आनलाइन करने तथा छात्र-छात्राओं की मांग के अनुरूप पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश संबंधित विभाग को दिया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रबंधन देश के अन्य राज्यों में बच्चों को दी जा रही शिक्षा के विभिन्न माध्यमों का आकलन करे, ताकि यहां के छात्रों को भी बेहतर शिक्षा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने राज्य में पीपीपी मोड पर संचालित होने वाले संस्थानों की दिशा में किए गए कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि स्थापित होनेवाले निजी विश्वविद्यालयों या संस्थानों को सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं से विभाग अवगत कराए। यह तय हो कि इन संस्थानों/विश्वविद्यालयों में झारखंड के अधिक से अधिक बच्चे पढ़ सकें। मुख्यमंत्री ने बनकर तैयार तथा निर्माणाधीन महाविद्यालयों, महिला महाविद्यालयों, पालीटेक्निक संस्थानों की प्रगति की भी जानकारी ली। साथ ही शिक्षा में गुणवत्ता को समाहित करने के लिए झारखंड एजुकेशन ग्रिड की योजना का प्रजेंटेशन देखा। एजुकेशन ग्रिड की योजना में उन्होंने कुछ सुधार के भी निर्देश दिए।
बोकारो महिला कालेज की स्थिति सुधारने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने बैठक में बोकारो महिला कालेज की स्थिति सुधारने के निर्देश विभागीय पदाधिकारियों को दिए। इसके लिए उन्होंने सेल से वार्ता कर भवन लेने और उस भवन में महिला कालेज को शिफ्ट करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि वैसे इंजीनियरिंग कालेज, जिनके भवन बन गए हैं, उनका उपयोग हो। यह भी कहा कि जहां इंजीनियरिंग की पढ़ाई नहीं हो रही है, वहां उसका उपयोग डिग्री कालेज की पढ़ाई में करें। हालांकि उन्होंने इससे पूर्व क्षेत्र के बच्चों की मांग का आकलन कर इसपर निर्णय लेने के निर्देश दिए।