भागलपुर: बिहार में सिल्क सिटी के नाम से मशहूर भागलपुर सिटी में हवाई अड्डा बने कई दशक बीत चुके हैं लेकिन अब तक नेताओं और अधिकारियों की लापरवाही के कारण आम जनता को इसका लाभ नहीं मिल पाया है इसी संबंध में भागलपुर के युवाओं ने भागलपुर हवाई अड्डा में हवाई सेवाओं के सफल सफल संचालन के लिए आंदोलन की बात कही है स्थानीय युवाओं का कहना है कि भागलपुर के रहने वाले लाखों की संख्या में लोग देश के अन्य राज्यों में निवास करते हैं उन सब ने लोगों को आने जाने के लिए खाशी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है । भारत के प्रतिष्ठित सेवा में भागलपुर के रहने वाले कई ब्यूरोक्रेट्स , जमीन कारोबारी, उद्योगपति एवं अन्य राज्यों में रहते हैं जो हवाई सेवा का उपयोग करना चाहते हैं लेकिन बिहार सरकार और भागलपुर जिला प्रशासन की बेरुखी के कारण अब तक हवाई सेवा नहीं शुरू नही सका है। इस संबंध में भागलपुर के युवाओं ने चरण बद्ध आंदोलन करने की बात कही है जिस का समर्थन भागलपुर के रहने वाले प्रदेशों के लोग भी कर रहे ।लगभग कुछ माह पहले दिल्ली से आई एविएशन बिज लैब की टीम का मानना है कि अगर भागलपुर हवाई अड्डा का विकास हो जाए तो 18 से 70 सीटर तक वाली विमान उड़ सकती है। टीम ने हवाई अड्डा का निरीक्षण करने के बाद डीएम से मिला और हवाई अड्डा के विकास के लिए प्रस्ताव दिया पहले भी दे चुकी है।

बताते चले की भागलपुर के तत्कालीन डीएम प्रणव कुमार को टीम द्वारा हवाई अड्डा का विकास करने के लिए प्रस्ताव मिला था । करीब डेढ़ सौ करोड़ में हवाई अड्डा का विकास करने की बात कही गयी थी। लेकिन स्थानीय जिला प्रशासन की बेरुखी के कारण उस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में रख दिया गया है। जबकि प्रस्ताव पर मंतव्य लेने के बाद कोई निर्णय लिया जा सकता था। मुख्यालय से सहमति मिलने पर स्मार्ट सिटी के फंड से हवाई अड्डा का विकास किया जा सकता है।तत्कालीन डीएम ने बताया था कि टीम के पास पूर्व का अनुभव है। टीम के सदस्यों का कहना है कि दूसरे राज्यों में इतनी जगह में ही 70 सीटर विमान का परिचालन हो रहा है। यह निजी एजेंसी है। एजेंसी के निदेशक ने बताया कि हवाई अड्डा का निरीक्षण किया गया। यहां से विमान उड़ान भर सकती है। प्रशासन से अनुमति मिलने पर हवाई अड्डा का विकास किया जाएगा। एजेंसी को दूसरे राज्यों में काम करने का अनुभव है। इसके पूर्व जिला प्रशासन के आग्रह पर हवाई अड्डा की चारदीवारी और लाउंज बनाया गया था। बीएमपी को बटालियम भी रखा गया ।

और अधिकारी इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं। इस इलाके से जुड़े कई बड़े नेताओं ने भी इसक लिए पहल की है। लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी हवाई सेवा शुरू नहीं हो सकी। यहां बता दें कि यह जिला व्यापारियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस कारण यहां के व्यापारियों की लगातार मांग रहती है कि हवाई सेवा का शीघ्र परिचालन हो। इसके लिए व्यापारी वर्ग लगातार संबंधित पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि से मिलते रहते हैं। बिहार विधानसभा में भी कई बार इस हवाई यात्रा के मुद्दा उठा चुका है । लेकिन अब तक के नतीजे ढाक के तीन पात ही है। अब सवाल उठता है कि क्या शासन-प्रशासन और छूट भैया नेताओं के खामोशी का कब तक इंतजार भागलपुर वासी कर सकेंगे आगे देखने की बात होगी या इसके निदान के लिए भागलपुर का एक बड़ा वर्ग आगे आएगा यह सब भविष्य के गर्त में है.
