हल्द्वानी : सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने एमबीपीजी कॉलेज के प्राचार्य व पांच शिक्षकों पर शिक्षिका से अश्लीलता के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भी भेजा है। एमबीपीजी से दूसरे कॉलेज में संबद्ध की गई शिक्षिका के पति ने प्राचार्य व पांच शिक्षकों पर अश्लीलता करने, कमीशन मांगने संबंधी शिकायत संसदीय कार्यमंत्री बंशीधर भगत से की थी।
भगत ने उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत को पत्र लिखा था। डा. रावत ने डीएम से जांच कराने के आदेश दिए थे। डीएम ने जांच सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि एक दिन पहले जांच के लिए पत्र मिला है। इस मामले में प्राचार्य व पांच शिक्षकों को नोटिस भेजा है। सभी को अपना पक्ष रखने के लिए 17 अगस्त को कार्यालय में बुलाया गया है। दोनों का पक्ष जानने के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

शिक्षक संघ ने की थी बैठक
कॉलेज के इस प्रकरण पर शिक्षक संघ के अधिकांश सदस्यों ने छह अगस्त को बैठक की थी। सभी ने घटना की निंदा की थी और आरोपों को बेबुनियाद बताया था।
एसोसिएट प्रोफेसर डा. अशोक कुमार निलंबित
हल्द्वानी: एमबीपीजी कॉलेज में कार्यरत एसोसिएट प्रोफेसर डा. अशोक कुमार को निलंबित कर दिया गया है। वह धोखाधड़ी के आरोप में जेल में बंद हैं। समाजशास्त्र विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर अमरावती कॉलोनी में रहते हैं। उन पर एक महिला ने 72 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। इस मामले में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। मुकदमा दर्ज होने के बाद वह पुलिस से बचने के लिए गायब चल रहे थे।
करीब 20 दिन पहले उन्होंने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। उच्च शिक्षा के प्रभारी निदेशक डा. पीके पाठक ने बताया कि शासन से निलंबन का आदेश पहुंच चुका है। जब वह ज्वाइन करने पहुंचेंगे। इसके बाद उन्हें अटैच करने की प्रक्रिया की जाएगी। इधर, उनके निलंबन का आदेश आते ही कॉलेज के शिक्षकों व कर्मचारियों में खलबली मची रही।