पटना: सीएम नीतीश कुमार ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित नवगछिया के हाई स्कूल राहत शिविर का जायजा लिया। चिकित्सा राहत शिविर में बाढ़ पीड़ित रोगियों से इलाज के बारे में सिविल सर्जन उमेश प्रसाद से बात की। उन्होंने सीएस से पूछा कि कौन कौन सी दवाई शिविर में उपलब्ध है। इसके साथ ही उन्होंने शिविर में कोराना वैक्सीन टीकाकरण करवाने को कहा। आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चे कविता पाठ कर रहे थे। सीएम ने केंद्र के सेविका से पूछा कि बाढ़ राहत शिविर के बच्चों को कविता पाठ करवाया जा रहा है। उन्होंने सेविका से बोला कि आप बहुत अच्छा कर रही है।
इसके बाद सीएम बाढ राहत शिविर में खाना खा रहे बाढ़ पीड़ितों से मिले। उन्होंने शिविर में मिल रहे भोजन की क्वालिटी के बारे में बाढ़ पीड़ितों से पूछा। शिविर में मौजूद इस्माइलपुर के छोटी परवत्ता महराज जी टोला की महिला सियाराम मंडल की पत्नी चांदनी देवी ने बताई की बांध टूटने के बाद से चूल्हा नहीं जला है। पिछले तीन दिन से भूखी हूं। बाढ़ राहत शिविर में सुबह आठ बजे से पहुंची हूं, खाना नहीं मिला है। घर के चारो तरफ बाढ का पानी है। घर में शूरदास पति, मानसिक रुप से परेशान पुत्र , पुत्री व दमाद फंसा हुआ है। वहां से उसे कोई निकालने वाला नहीं है।

सीएम ने महिला के स्वजनों सहित बाढ़ में फंसे सभी लोगों को रेस्क्यू कर जिला पदाधिकारी को निकलवाने का आदेश दिया। वहीं विधायक गोपाल मंडल ने मुख्यमंत्री से कहा कि कल राहत शिविर में बाढ़ पीड़ित आये थे। शिविर में बाढ़ पीड़ितों को बीडीओ कुंदन कुमार यादव ने डांट डपट कर भगा दिया गया। इसपर सीएम नीतीश कुमार ने सख्त लहजे में कहा कि कोताही करने वाले पदाधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। ये गलत बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी बाढ़ पीड़ितों के भोजन के सामुदायिक किचन खोला गया है। आपदा प्रबंधन के तहत सभी को खाना खिलाया जा रहा है। इस मौके पर आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, डीआईजी सुजीत कुमार, जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, नवगछिया एसपी सुशांत कुमार सरोज, अनूमंडल पदाधिकारी अखिलेश कुमार, एसडीपीओ दिलीप कुमार मौजूद रहे।