देहरादून: उत्तराखंड भाजपा के साडे 4 साल के कार्यकाल में उपजे असंतोष को धामी और उसके अनुभवी टीम ने 100 दिन के अंदर धराशाई कर दिया । खटीमा से विधायक और मौजूदा समय में उत्तराखंड के तेज तर्रार युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य में यह कयास लगाया जा रहा था कि भाजपा की नैया डगमगाने वाली है। लेकिन पुष्कर सिंह धामी ने अपने कुशल प्रबंधन और राजनीतिक दूरदर्शिता के साथ उत्तराखंड में अपने जबरदस्त टीम प्रबंधन के कारण आज उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है।धामी के कुशल प्रबंधन की तारीफ न सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी बल्कि भाजपा में चाणक्य की भूमिका में रहने वाले और देश के गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ,निर्मला सीतारमण ,जैसे बड़े नेताओं ने भी की है । कम से कम समय में उत्तराखंड में अपनी लोकप्रियता हासिल करने में कामयाब पुष्कर सिंह धामी अब धुआंधार बैटिंग करने के मूड में दिखाई पड़ रहे हैं। पुष्कर सिंह धामी न सिर्फ युवाओं को तरजीह दे रहे हैं बल्कि पार्टी के बड़े नेताओं को भी अपने साथ लेकर चलने का प्रयास कर रहे हैं ।

यह सब कुछ मुमकिन हो पाया है धामी और उनकी टीम के बदौलत पुष्कर सिंह धामी के टीम में कई अनुभवी नेताओं के साथ-साथ ब्यूरोक्रेसी का भी हाथ है । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के टीम में तेज तरार और ब्यूरोक्रेसी का नब्ज टटोलने वाले मुख्य सचिव सुखबीर सिंह संधू के साथ-साथ उनके अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन ,अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार ,सचिव अमित सिंह नेगी ,सचिव शैलेश बगोली, विशेष सचिव पराग मधुकर ,जैसे तेज तरार ब्यूरोक्रेट्स के कुशल नीति निर्धारण के कारण केंद्र सरकार और राज्य सरकार में समन्वय स्थापित किया जा रहा है। इसके कारण केंद्र सरकार से ज्यादा से ज्यादा मदद और फंड उत्तराखंड में राज्य सरकार को मिल रहा है। भारत सरकार से जबरदस्त संवाद के कारण उत्तराखंड के लगभग हर विभाग को भारत सरकार से बेहतर मदद मिल रही है । जिसका पूरा श्रेय धामी के टीम को जाता है।
राजनीति की गुड़ समझ रखने वाले लोगों की माने तो टीम धामी के इस अच्छे काम से आगामी चुनाव में भाजपा सरकार और पुष्कर सिंह धामी को काफी फायदा मिल सकता है।