देहरादून: हाजीपुर, बिहार के रहने वाले विश्वजीत कि इंजीनियरिंग की पढाई देहरादून के कॉलेज से हुई, वे छात्र जीवन में ही RSS के संपर्क में आये, इंजीनियरिंग कंप्लेट कर के एक MNC कंपनी में कार्य किया, तत्पश्चात देश के लिए कुछ करने की प्रेरणा से RSS उत्तराखंड में विस्तरक् निकले फिर प्रचारक बने, संघ के वरिष्ठ अधिकारियों की सलाह पर उन्होंने आगे की पढाई को जारी किया, और IIT Roorkee में रिसर्च फेलो भी रहे, अब वह PHD के लिए यूरोप जा रहे, जहा इन्हे 100 प्रतिशत स्कोलरशिप और स्टीपेंड सरकार की तरफ से मिल रही है। विश्वजीत से आगे कि योजना के बारे में बात करने पर विश्वजीत बताते है कि पढाई पूरी कर के संघ के अधिकारियों की जो आज्ञा होगी वही करेंगे। वह संघठन को अपनी माँ के समान मानते हैं और उनका कहना है कि संगठन की जो आज्ञा होगी वही करना है।
