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उत्तराखंड में आफत की बारिश : पिथौरागढ़ के धारचूला में बादल फटने से 2 की मौत 5 लापता, बदरीनाथ समेत 84 मार्ग बंद

पिथौरागढ़ : उत्तराखंड में बारिश आफत बनकर बरस रही है। पिथौरागढ़ में चार दिन तक लगातार बारिश के बाद रविवार दिन में साफ रहे मौसम ने रात को रौद्र रूप दिखाया। तहसील धारचूला से 12 किमी दूर कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग से लगे जुम्मा गाव में बादल फटने से भारी तबाही मची है। इस घटना में एक महिला के घायल और कुछ के लापता होने की खबर है। हालांकि, प्रशासन के मुताबिक अभी दो ही लापता हैं। दूसरी ओर, लगातार हो रहे भूस्खलन के चलते प्रदेश में बदरीनाथ व गंगोत्री हाईवे समेत कुल 84 मार्ग बंद पड़े हैं। आवाजाही पूर्णरूप से बाधित होने से कई गांव में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को देहरादून और कुमाऊं के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि मंगलवार से मौसम फौरी राहत दे सकता है।

सीएम ने ट्वीट कर दी जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट करते हुए जानकारी दी, ”पिथौरागढ़ जनपद के जुम्मा गांव के पास भूस्खलन की वजह से 2 लोगों की दुखद मौत एवं 5 अन्य की मलबे में दबे होने की खबर है। इस विषय में जिलाधिकारी से बात कर रेस्क्यू मिशन तेज करने का निर्देश दिया है। मैं वहां फंसे लोगों की सलामती के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।”

सीएम ने दिए प्रभावितों को तत्काल सहायता के निर्देश

बादल फटने की घटना को लेकर सीएम धामी ने पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान से फोन पर बात धारचूला के जुम्मा गांव में हुए नुकसान की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि प्रभावितों को तत्काल हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। सर्च और रेस्क्यू आपरेशन पूरी क्षमता के साथ चलाए जाएं। घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि क्षेत्र में सड़क मार्ग अवरुद्ध होने के कारण रेस्क्यू कार्य हेलीकॉप्टर से कराए जाने के लिए क्षेत्र में हैलीपैड तैयार किया जा रहा है।

तोताघाटी में भारी चट्टानों को हटाने का काम जारी 

ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग पर तोताघाटी में भारी चट्टानों को हटाने का काम तेजी से चल रहा है। चार मशीनों से मलबा हटाने का काम चल रहा है। यहां दो स्थानों पर भारी मलबा आया है। संभवत: सोमवार तक मार्ग खोल दिया जाएगा। वहीं, ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार को दूसरे दिन भी छोटे वाहनों की आवाजाही जारी रही। शुक्रवार को ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर फकोट के पास हाईवे का करीब 40 मीटर हिस्सा बह गया था, जिस कारण इस मार्ग पर आवागमन बंद हो गया था।

उधर, गोपेश्वर में बारिश से तड़के पांच बजे से गुलाबकोटी गांव में भूस्खलन से बाधित बदरीनाथ हाईवे शाम छह बजे 13 घंटे बाद सुचारू हुआ। वहीं भारत-चीन सीमा के गांवों का एकमात्र मार्ग जोशीमठ-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग 15 दिन बाद खुला है। यहां फंसे 10 वाहनों को देर शाम निकाला गया। उधर, कुमाऊं के पिथौरागढ़ में भूस्खलन से शिशु मंदिर विद्यालय क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि बागेश्वर में मिखिला-खलपट्टा गांव को जोड़ने वाला पैदल पुल टूट गया है।

हल्द्वानी-नैनीताल हाईवे पर शनिवार को सड़क का 20 मीटर हिस्सा धंसने के बाद से वाहनों को डायवर्ट कर वाया भीमताल व कालाढूंगी भेजा जा रहा है। देहरादून में भी भारी बारिश के कारण कई सीमांत मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं। तमाम नदी-नाले अब भी उफान पर हैं। जिससे भू-कटाव और पुस्तों को नुकसान पहुंचा है।

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Author: nirbhiknazar

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