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छात्रों का हुनर भी निखारेंगे उत्तराखंड के सरकारी स्कूल, 200 स्कूलों शुरू होंगे ये 8 वोकेशनल कोर्स, बोर्ड परिणाम में जुड़ेंगे अंक

देहरादून: उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में छात्रों के हुनर को निखारने के लिए अब स्किल डेवलपमेंट से जुड़े पाठ्यक्रम भी शुरू होंगे। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पहले चरण में 200 सरकारी स्कूल में वर्तमान सत्र ( 2021-22) से आठ वोकेशनल कोर्स शुरू होंगे। स्कूली शिक्षा के साथ ही छात्र-छात्राओं में स्किल डेवलपमेंट को लेकर यह प्रयास किया जा रहा है।

स्किल इंडिया समेत अन्य कई माध्यम से छात्र-छात्राओं के हुनर को निखारने के प्रयास लंबे समय से हो रहे हैं। इस ओर एक कदम और बढ़ाते हुए समग्र शिक्षा अभियान ने स्कूली शिक्षा के दौरान ही स्किल डेवलपमेंट पर काम करना शुरू कर दिया है। समग्र शिक्षा अभियान ने विजन इंडिया सर्विस प्राइवेट लिमिटेड की मदद से प्रदेश के सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं के लिए वोकेशनल कोर्स शुरू करने की पहल की है।

यह आठ कोर्स होंगे शुरू

  • इंफोर्मेशन टेक्नोलाजी
  • रिटेल
  • एग्रीकल्चर सोलेनियस क्रोप कल्टिवेशन
  • टूरिज्म एंड हास्पिटेलिटी
  • ब्यूटी एंड वेलनेस
  • ओटोमोटिव
  • इलेक्ट्रानिक एंड हार्डवेयर
  • प्लंबर

कक्षा नौवीं और दसवीं के छात्र-छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा। इस पायलेट प्रोजेक्ट के पहले चरण में प्रदेश के 200 स्कूल में आठ कोर्स शुरू किए जाएंगे। इनमें 61 मैदानी और 139 पहाड़ी जिलों के स्कूल शामिल हैं। चयनित स्कूल में कंपनी की ओर से संबंधित कोर्स की लैब भी स्थापित की जाएगी। लैब के लिए कमरा स्कूल उपलब्ध करवाएगा, लेकिन पूरी मशीनरी और टूलकिट कंपनी उपलब्ध करवाएगी। पायलेट प्रोजेक्ट सफल रहने पर प्रदेश के अन्य स्कूल में भी यह कोर्स शुरू होंगे।

80 घंटे की फील्ड ट्रेनिंग भी

दो वर्षीय वोकेशनल कोर्स में छात्रों को केवल थ्योरी नहीं पढ़ाई जाएगी बल्कि बकायदा फील्ड ट्रेनिंग भी दी जाएगी। नौवीं और दसवीं को मिलाकर 80 घंटे फील्ड ट्रेनिंग के होंगे, जिसमें संबंधित कोर्स से जुड़ी इंडस्ट्री में छात्रों को ले जाकर ट्रेनिंग दी जाएगी। खास बात यह है कि वोकेशनल कोर्स के बाद जो छात्र नौकरी करने के इच्छुक होंगे, उनके अभिभावकों की सहमति के बाद मुहैया करवाया जाएगा।

बोर्ड परिणाम में जुड़ेंगे अंक

वोकेशनल कोर्स की ट्रेनिंग के दौरान छात्रों की दक्षता जांचने के लिए लिखित और प्रयोगात्मक परीक्षाएं भी होंगी। जिसमें लिखित परीक्षा के 30, प्रयोगात्मक के 50 और 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन के होंगे। वोकेशनल कोर्स को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर बोर्ड ने भी छात्रों को विशेष छूट दी है। दसवीं के बोर्ड के दौरान अगर किसी छात्र-छात्रा के किसी मुख्य विषय में कम अंक आते हैं और वोकेशनल कोर्स में ज्यादा अंक हैं, तो उसका परिणाम वोकेशनल कोर्स के अंक जोड़कर तैयार किया जाएगा।

किस जिले में कितनी लैब

  • अल्मोड़ा, 14
  • बागेश्वर, 07
  • चमोली, 14
  • चंपावत, 11
  • देहरादून, 34
  • पौड़ी गढ़वाल, 24
  • हरिद्वार, 18
  • नैनीताल, 28
  • पिथौरागढ़, 18
  • रूद्रप्रयाग, 07
  • टिहरी, 19
  • यूएस नगर, 48
  • उत्तरकाशी, 13

 

समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि प्रदेश के छात्रों में स्किल डेवलपमेंट के लिए 200 सरकारी स्कूल में आठ वोकेशनल कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। प्रदेश के कई स्कूल में कोर्स से संबंधित लैब विकसित करने का काम भी शुरू हो गया है। छात्र-छात्राएं इसी सत्र से इसका लाभ ले सकेंगे। ज्यादा से ज्यादा छात्रों को लाभ देने के लिए सीट की संख्या सीमित नहीं की गई है।

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Author: nirbhiknazar

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