रांची: सीएम हेमंत सोरेन को धमकी देने से संबंधित मामले में अनुसंधान के लिए साइबर थाना की पुलिस अब इंटरपोल की मदद लेगी. सीनियर पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर केस के अनुसंधानक ने तैयारी शुरू कर दी है. जल्द ही न्यायालय के निर्देश पर पत्राचार किया जायेगा, ताकि आरोपी के बारे में जानकारी लेकर इंटरपोल के सहयोग से उस तक पहुंचा जा सके और कार्रवाई हो. जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, जिस इमेल आइडी से धमकी भरा इमेल सीएम को भेजा गया.

उसका सर्वर जर्मनी में है. इस कारण अनुसंधान के दौरान वहां से मामले में जानकारी एकत्र करने के लिए इंटरपोल के सहयोग की आवश्यकता है. वर्ष 2020 के जुलाई माह में मुख्यमंत्री को इमेल भेजकर जान से मारने की धमकी दी गयी थी. आठ जुलाई को दो बार मेल भेजे गये थे. इसके बाद एक और इमेल भेजकर जान से मारने की धमकी दी गयी थी, जिसके बाद मामले में साइबर थाना में केस दर्ज किया था. जिसका अनुसंधान साइबर थाना में पदस्थापित पुलिस अधिकारी कर रहे हैं. अनुसंधान के दौरान पूर्व में ही आइपी एड्रेस के आधार पर विदेश से इमेल भेजने की जानकारी अनुसंधानक को मिली थी, जिसके आधार पर मामले में आगे की जांच हो रही थी.
पूर्व में भी पूरे मामले में जर्मनी से सहयोग लेने के लिए सीनियर पुलिस अधिकारियों ने निर्णय लिया था. लेकिन मामले में पुलिस अधिकारियों को जांच में कोई विशेष सहयोग विदेश से नहीं मिला. जिस कारण अब इंटरपोल से सहयोग लेने पर निर्णय लिया गया है.