हल्द्वानी : दिव्यांगों के लिए बनाए जा रहे यूडीआइडी कार्ड में सुस्ती पर समाज कल्याण निदेशालय ने पांच जिलों को कारण बताओ नोटिस भेजा है। इनमें देहरादून, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, उत्तरकाशी व टिहरी शामिल हैं। यूडीआइडी (यूनिक आइडी फार परसंस विद डिसएबिलिटीज) के रूप में दिव्यांगों को एक स्मार्ट कार्ड दिया जा रहा है। जिसके माध्यम से सरकार दिव्यांगजनों का डाटाबेस तैयार उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दे रही है, मगर उत्तराखंड की स्थिति इसमें खराब है। इसे लेकर पांच जिलों के समाज कल्याण अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। नोटिस में समाज कल्याण निदेशक राजेंद्र कुमार ने लिखा है कि जिले की खराब स्थिति कार्यों के प्रति लापरवाही व उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना प्रदर्शित करता है। इससे विभाग की छवि धूमिल हो रही है। भारत सरकार लगातार राज्य की स्थिति पर असंतोष व्यक्त कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि स्पष्ट आदेशों के बाद भी यूडीआइडी कार्ड की प्रगति के संबंध में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, इसके लिए क्यों न आपके विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी जाए? एक सप्ताह में सुधार न करने वालों जिलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

देहरादून फिसड्डी, बागेश्वर अव्वल
यूडीआइडी कार्ड बनाने में प्रदेश में देहरादून सबसे ज्यादा फिसड्डी साबित हुआ है। उत्तरकाशी इस सूची में 12वें, टिहरी 11वें, पिथौरागढ़ 10वें और अल्मोड़ा नौवें नंबर पर है। वहीं, प्रदेश में बेहतर प्रदर्शन कर बागेश्वर पहले, नैनीताल दूसरे व हरिद्वार तीसरे स्थान पर है।
निदेशक समाज कल्याण विभाग राजेंद्र कुमार ने बताया कि यूडीआइडी कार्ड बनाने में खराब रिकार्ड पर पांच जिलों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। सभी जिलों को स्थिति सुधारने की चेतावनी दी गई है।
ऐसी है प्रदेश में जिलों की स्थिति
जिला स्थिति
बागेश्वर – 41.82
नैनीताल – 22.40
हरिद्वार – 19.14
रुद्रप्रयाग – 11.98
यूएस नगर – 10.40
पौड़ी – 9.05
चमोली – 8.86
चंपावत – 7.78
अल्मोड़ा – 8.61
पिथौरागढ़ – 7.83
टिहरी – 6.96
उत्तरकाशी – 2.93
देहरादून – 2.57
नोट : आंकड़े प्रतिशत में हैं।