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सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, चार सालों में पंजीकृत बेरोजगारों में से केवल 2 प्रतिशत को मिला रोजगार, गोदियाल बोले BJP जिम्मेदार

देहरादून: उत्तराखंड में बेरोजगारी की दर के आंकड़ों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी जंग छिड़ी है। कांग्रेस पिछले दो महीनों में बढ़ी बेरोजगारी दर में बढ़ोतरी के आंकड़ों को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाने साध रही है। जवाब में सत्तारूढ़ भाजपा भी बेरोजगारी दर के दो साल के आंकड़ों के अंतर के जरिये यह बताने का जतन कर रही है कि प्रदेश में बेरोजगारी कम हुई है। पक्ष और विपक्ष की इस सियासी जंग के बीच रोजगार दफ्तरों में पंजीकरण कराने वाले उत्तराखंड के 4,72804 बेरोजगार नौकरी ढूंढ रहे हैं। उनकी यह चिंता इसलिए है क्योंकि पिछले चार सालों में सरकार पंजीकृत बेरोजगारों में से महज दो प्रतिशत को ही नौकरी मिल पाई है। कांग्रेस अक्तूबर 2020 में 22.3 प्रतिशत बेरोजगारी दर के जरिये सरकार को रोजगार के मोर्चे पर नाकाम बताने की कोशिश कर रही है। जबकि प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा का कहना है कि पिछले दो साल में बेरोजगारी दर घटकर 6.2 फीसदी रह गई है। 

दो प्रतिशत को ही रोजगार

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले चार सालों में पंजीकृत बेरोजगारों में से केवल दो प्रतिशत लोगों को ही रोजगार मिला। पंजीकृत उम्मीदवारों में से सरकार ने चार साल में 10268 को रोजगार दिया। 2018-19 में 5678, 2019-20 में 2709, 2020-21 में 1873 लोगों को रोजगार मिला। मौजूदा वर्ष में आठ पंजीकृत उम्मीदवारों को रोजगार मिला।

आठ महीने में सबसे अधिक बेरोजगारी दर

सीएमआईई के सर्वे के मुताबिक, इस साल पिछले आठ महीनों में अगस्त में बेरोजगारी की दर सबसे अधिक 6.2 प्रतिशत रही। इससे पूर्व अप्रैल में बेरोजगारी की दर छह प्रतिशत थी। अलबत्ता जुलाई में यह दर सबसे कम 3.2 प्रतिशत तक रही।

बेरोजगारी दर में देश में 16वें स्थान पर उत्तराखंड 

सीएमआईई के 27 राज्यों के सर्वेक्षण में उत्तराखंड बेरोजगारी दर के मामले में दूसरे राज्यों की तुलना में देश में 16वें स्थान पर है। अगस्त तक उत्तराखंड की बेरोजगारी दर 6.2 प्रतिशत थी जो राष्ट्रीय बेरोजगारी दर 8.3 प्रतिशत की तुलना में काफी कम है।

प्रदेश में 4.72 लाख से अधिक पंजीकृत बेरोजगार

प्रदेश सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले चार साल के दौरान प्रदेश में 472,804 बेरोजगारों ने सेवायोजन कार्यालयों में पंजीकरण कराया। सबसे अधिक 71534 पंजीकृत बेरोजगार देहरादून जिले में हैं। हरिद्वार 52,623 पंजीकृत बेरोजगारों के साथ दूसरे नंबर पर है।

विधानसभा चुनाव में बनेगा बड़ा मुद्दा 

2022 के विधानसभा चुनाव में रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा बनने जा रहा। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को लगातार उठा रही हैं। यह विपक्ष का ही दबाव है कि सत्ता की कमान संभालने के साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 24 हजार सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती खोलने का एलान किया। सरकार के स्तर पर नौकरियां खोलने के अभियान में तेजी आई है। सरकार ने स्वरोजगार के माध्यम से भी बड़ी तादाद में रोजगार देने की योजना बनाई है।

 

भाजपा सरकार ने साढ़े चार साल में बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड कायम किया है। आज बेरोजगारी दर 6.2 प्रतिशत पहुंच चुकी है। चुनावी साल में सरकार खोखले दावे कर बेरोजगारों को छलने का काम कर रही है।

गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस

प्रदेश में सरकारी और गैरसरकारी क्षेत्र में लाखों की संख्या में रोजगार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार ने विभागों में खाली 24 हजार पदों को भरने की प्रक्रिया को युद्धस्तर पर शुरू किया है। स्वरोजगार के लिए भी युवा प्रेरित हो रहे हैं। उनके सहयोग के लिए सभी जिला मुख्यालयों पर कैंप लगाए जा रहे हैं।

मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा

चार साल में बेरोजगार और नौकरी पाने वाले
जिला               पंजीकृत        रोजगार मिला
अल्मोड़ा           33475           806
नैनीताल            46668         1198
पिथौरागढ़         32024          553
ऊधमसिंह नगर  48915         1439
बागेश्वर             17367          424
चंपावत             15661         558
देहरादून            71534        1582
टिहरी               33501         1093
उत्तरकाशी         28466        582
हरिद्वार             52623         04
पौड़ी                43539         1356
चमोली             26082           295
रुद्रप्रयाग         19104            378
कुल योग          472804        10268

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Author: nirbhiknazar

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