दुर्गावती (कैमूर) मुबारक अली। बिहार से बालू लोड कर एक ट्रक यूपी की तरफ जाते समय यूपी बिहार बॉर्डर कर्मनाशा नदी पर बना स्टील ब्रिज की रेलिंग तोड़ते पुल से नीचे लटक गया. स्टील ब्रिज पर बड़ा हादसा होते-होते टल गया. हालांकि ट्रक के चालक व खलासी बाल बाल बच गए.दरअसल बिहार के डेहरी ऑन सोन से बालू लादकर 14 चक्का वाहन वाराणसी बालू मंडी जाने के लिए स्टील ब्रिज से गुजर रहा था.
स्टील ब्रिज पर बिछे स्टील के चादर पूरी तरह से फट चुके हैं.फटे स्टील के चादरों के बीच ट्रक का पहिया फंंस गया. जिस वजह से ट्रक अनियंत्रित हो गया और रेलिंग तोड़ते हुए नदी की तरफ लटक गया.मौका मिलते ही चालक और खलासी ट्रक से कूदकर भाग गए.यदि ट्रक पुल से नीचे गिर जाता तो एक बड़ा हादसा हो सकता था.कर्मनाशा नदी पर बने पक्के पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद बिहार से यूपी में आवागमन के लिए स्टील ब्रिज का निर्माण कराया गया।
जिससे ओड़ीसा, पश्चिम बंगाल,असम और बिहार का संपर्क यूपी से बना रहे.50 टन क्षमता वाली इस ब्रिज पर 80 से 100 टन वजन लादकर रोजाना 500 से 600 गाड़ियां पार हो रही थे जिससे पुल क्षतिग्रस्त हो गया है पुल पर लगे स्टील के चादर की वेल्डिंग हर जगह से छूट गई है और चादर भी बीच-बीच में बुरी तरह से फट चुके हैं.जो कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे सकते हैं.
पुल की खस्ता हालत देख पिछले 3 दिनों से बिहार में ओवरलोड बालू पर पाबंदी लगा दी गई। गौरतलब है कि 28 दिसंबर 2019 को यूपी बिहार बॉर्डर पर नौबतपुर के पास कर्मनाशा नदी पर 10 वर्षों पूर्व बने फोरलेन फूल का तीन पाया टूट गया था जिससे कई राज्यों संपर्क टूट गया था तथा करीब एक महीने तक वाहनों का चक्का थम गया था जिसे देखते हुए एनएचआई द्वारा क्षतिग्रस्त पुल के दोनों तरफ डायवर्सन बनाकर वाहनों को चालू किया गया.
लेकिन बरसात के मौसम में कर्मनाशा नदी में पानी भर जाने के बाद डायवर्शन रोड पर जाने की आशंका को देखते हुए एनएचआई द्वारा क्षतिग्रस्त पुल के दक्षिण तरफ अस्थाई स्टील ब्रिज का निर्माण किया गया और बरसात के दिनों में डायवर्सन रोड पर जाने के बाद स्टील ब्रिज एनएचआई द्वारा स्टील ब्रिज से वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया गया.
स्टील ब्रिज से आवागमन शुरू होने से पहले एनएचआई ने 55 टन माल लोड कर स्टील ब्रिज से गुजरने का निर्देश दिया गया लेकिन स्टील ब्रिज से क्षमता से अधिक 80 टन से ऊपर माल लेकर बालू लोडेड ट्रक गुजरने लगी जिससे स्टील ब्रिज पर खतरा मंडराने लगा.अब स्टील ब्रिज की स्थिति इस समय इतनी जर्जर हो गई है कि ब्रीज में कई जगहों पर दरारे आ गई है.