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उत्‍तराखंड में लव-जेहाद पर बनेगा सख्त कानून, सितंबर अंत मे होगी पुलिस भर्ती, जानिये सीएम धामी ने की अन्‍य कई घोषणा

देहरादून: उत्तराखंड में बढ़ रहे धर्मांतरण व लव जेहाद के मामलों को देखते हुए सरकार सख्त कानून बनाने जा रही है। यह घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दी। उन्होंने बताया कि लव जिहाद व धर्मांतरण पर पहले ही कानून बना हुआ है लेकिन सरकार इसे अब और सख्त करने जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से रुकी पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया इसी माह अंत से शुरू हो जाएगी। बढ़ रहे साइबर क्राइम के मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ी जिलों में भी जल्द ही साइबर थाने खोले जाएंगे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से भी कहा कि वह साइबर के मामलों को गंभीरता से लें और जो पुलिस अधिकारी या कर्मचारी इन मामलों में शिथिलता बरतता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। पुलिस ग्रेड पे के मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है जल्द ही इस पर कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा।

सीएम धामी ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर प्रोत्साहन राशि की घोषणा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालय दिवस पर आयोजित वेबिनार में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से इलेक्ट्रिक वाहनों पर प्रोत्साहन राशि की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने के लिए निजी इलेक्ट्रिक दो पहिया व चार पहिया वाहनों की खरीद पर पोल्युशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह प्रोत्साहन राशि निजी प्रयोग में लाये जाने वाले प्रथम पांच हजार दो पहिया और प्रथम एक हजार चार पहिया वाहनों के लिए अनुमन्य होगी। प्रोत्साहन की धनराशि दो पहिया वाहनों के लिए वाहन के मूल्य का 10 प्रतिशत अथवा 7500 रुपये जो भी कम हो और चार पहिया वाहनों के लिए वाहन के मूल्य का 5 प्रतिशत अथवा 50,000 जो भी कम हो, होगा। प्रोत्साहन की धनराशि बैक एंडेड सब्सिडी के रूप में डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक व वित्तीय संस्थाओं या डीलर को उपलब्ध करायी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय एवं पर्यावरण के संरक्षण के लिए हम सभी को अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभानी होगी। इसके लिए जनसामान्य में जागरूकता जरूरी है। इस संबंध में हिमालयी राज्यों के साथ सम्मेलन पर भी विचार किया जा रहा है। विकास के साथ ही प्रकृति के साथ भी संतुलन बनाना होगा। प्रकृति के संरक्षण के लिए हिमालय का संरक्षण आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, प्रसिद्ध पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा की स्मृति में ‘सुंदर लाल बहुगुणा प्रकृति संरक्षण पुरस्कार’ प्रारम्भ करने जा रही है।

 

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Author: nirbhiknazar

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