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डीएम – एसएसपी ने किया मसूरी माल रोड और मसूरी उप जिला चिकित्सालय का निरीक्षण, बिना मास्क के घूम रहे लोगों को दी चेतावनी

मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में वीकेंड (शनिवार और रविवार) पर बिना आरटी-पीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट के पर्यटकों को प्रवेश देने पर पाबंदी है। निगेटिव रिपोर्ट भी अधिकतम 72 घंटे पुरानी होनी चाहिए। इसके साथ ही एक दिन में अधिकतम 15 हजार व्यक्तियों को होटल की प्री-बुकिंग के आधार पर प्रवेश दिया जाना है। इसके बाद भी मसूरी में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा। कोरोना की संभावित तीसरी लहर और कोविड-19 की रोकथाम के नियमों के अनुपालन की पड़ताल को जिलाधिकारी (डीएम) डा. आर राजेश कुमार व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जन्मेजय खंडूड़ी शनिवार शाम को अचानक मसूरी पहुंच गए। उन्होंने मसूरी बाजार से लेकर माल रोड तक पैदल निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं, रविवार को भी मसूरी में दो किमी लंबा जाम देखने को मिला, जिसके चलते सैकड़ों वाहन जाम में फंसे हुए हैं। यहां पार्किंग भी सिरदर्द बनी हुई है।

उन्होंने पाया कि तमाम लोग बिना मास्क के घूम रहे हैं और कई व्यापारी भी मास्क नहीं पहन रहे हैं। जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित व्यक्तियों का चालान करने के निर्देश दिए। वहीं, एसएसपी ने बिना मास्क के घूम रहे एक युवक को रोका और उसके कान भी पकड़वाए। युवक को मास्क देकर भविष्य के प्रति सचेत किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्देश पर मास्क न पहनने वाले 120 व्यक्तियों के चालान भी किए गए।

जिलाधिकारी डा. आर राजेश ने उपजिलाधिकारी मसूरी मनीष कुमार व पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमों के पालन के लिए निरंतर चेकिंग की जाए। जो पर्यटक व स्थानीय नागरिक, व्यापारी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने स्थानीय निवासियों से अपील की कि वह कोरोना की तीसरी संभावित लहर की रोकथाम के लिए सभी नियमों का पालन करें। व्यापारियों से भी अपील की गई कि जो लोग बिना मास्क के आ रहे हैं, उन्हें सामान न बेचा जाए।

मसूरी उप जिला चिकित्सालय में स्टाफ कम

जिलाधिकारी डा. आर राजेश कुमार व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय खंडूड़ी ने मसूरी के उप जिला चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि यदि तीसरी लहर आती है तो मरीजों के उपचार के लिए अस्पताल के पास क्या इंतजाम हैं। जिलाधिकारी ने पाया कि यहां कुल 82 बेड हैं और 52 बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित किए जा सकते हैं। वहीं, अस्पताल में दो बाल रोग विशेषज्ञ हैं, मगर जनरल सर्जन नहीं हैं। इसके अलावा अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों व स्टाफ की भी कमी है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को भरोसा दिलाया कि चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की कमी दूर करने के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक से बात की जाएगी।

 

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Author: nirbhiknazar

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