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मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के तहत झारखंड के 6 छात्र पढ़ने जाएंगे इंग्लैंड, आप भी कर सकते हैं आवेदन, ये है पूरी प्रक्रिया  

रांची: झारखंड के 6 आदिवासी समुदाय के बच्चे उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जाएंगे। इनकी पढ़ाई का खर्च झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार उठाएगी। इनका चयन राज्य सरकार के मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के तहत किया गया है। हालांकि, सरकार की तरफ से चयनित छात्रों का डिटेल नहीं शेयर किया गया है। बताया जा रहा है कि 23 सितंबर को इसके संबंध में पूरी डिटेल्स CM हेमंत सोरेन एक कार्यक्रम में शेयर करेंगे।

राज्य सरकार की तरफ से पिछले साल ही इस योजना की शुरुआत की गई थी, लेकिन पहली बार 6 छात्रों का चयन किया गया है। सत्ताधारी दल JMM के महासचिव सुप्रियो भट्‌टाचार्य ने बताया कि झारखंड से ऑक्सफॉर्ड पहुंचने वाले राज्य के मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पहले स्टूडेंट्स थे। उनकी शताब्दी वर्ष पर यह बेहतर शुरुआत है। यह देश स्तर का एक बेंचमार्क है।

सुप्रीयो भट्‌टाचार्य ने कहा कि रघुवर सरकार के कार्यकाल के दौरान उच्च और तकनीकी संस्थानों में SC-ST के छात्र के स्टाइपेंड को भी रोक दिया गया था, लेकिन हेमंत सोरेन की सरकार इन्हें पढ़ने के लिए विदेश भेज रही है। उन्होंने कहा कि BJP के नेता बस लंबी-लंबी बातें करते हैं।

योजना के तहत हर साल 10 छात्रों का करना है चयन

मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत झारखंड सरकार राज्य के अनुसूचित जाति के प्रतिभावान लड़के-लड़कियों को ऑक्सफोर्ड और कैंब्रिज जैसे प्रतिष्ठित विदेशी यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा लेने का मौका दे रही है। ऐसा करने वाला झारखंड भारत का ऐसा राज्य है। इसके तहत SC-ST वर्ग के 10 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, जो अपनी उच्च शिक्षा मास्टर डिग्री एमफिल हेतु विदेशों में पढ़ने के लिए छात्रवृत्ति प्राप्त करेंगे।

कौन से छात्र कर सकते हैं आवेदन

  • ग्रेजुएशन में कम से कम 55 फीसदी मास्क होने अनिवार्य है।
  • आवेदक की आयु 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • जो छात्र झारखंड के निवासी हैं, वो ही इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण पत्र होना आवश्यक है।
  • आवेदन करने वाले छात्रों की वार्षिक आय 12 लाख रुपये प्रति वर्ष से कम होनी चाहिए। इस योजना का लाभ किसी भी विशेष पाठ्यक्रम के लिए मात्र एक बार ही दिया जाएगा।
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Author: nirbhiknazar

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