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मुख्यमंत्री धामी ने अनुसूचित जाति के पार्टी कार्यकर्ता के घर खाया खाना, देखते रह गए लोग

हल्द्वानी: राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में बुधवार को हल्द्वानी पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजपुरा स्थित अनुसूचित जाति के कार्यकर्ता नंद किशोर आर्य के घर जाकर भोजन किया। सीएम के लिए लौकी की सब्जी, रोटी, दाल-चावल और खीर परोसी गई। उन्हें कार्यकर्ता के घर खाना खाने जाते देख लोग देखते रह गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मिनी स्टेडियम में राज्य स्थापना दिवस के कार्यक्रम के बाद राजपुरा में नंद किशोर आर्य के घर पहुंच गए। इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, विधायक राम सिंह कैड़ा, शंकर कोरंगा, अनिल कपूर डब्बू आदि मौजूद थे। नंद किशोर ने बताया कि वह पार्टी का सबसे छोटा कार्यकर्ता है और पेंटिंग के साथ मजदूरी का कार्य करता है। मुख्यमंत्री ने सुबह फोन कर उसके घर खाने की इच्छा जताई तो वह फूले नहीं समाया।


इसके बाद परिवार के लोग तैयारी में जुट गए। नंद किशोर के अनुसार उसका मुख्यमंत्री से 1990 से संबंध है। पार्टी के लोग खासकर सीएम उसके घर आए यह उसके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कुछ नहीं मांगा है। हल्द्वानी के मिनी स्टेडियम में आयोजित उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे सीएम ने कहा कि युवाओं के विकास के लिए हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में आईटी अकादमी बनेगी। उन्होंने पूर्व सीएम एनडी तिवारी के गांव बल्यूटी की सड़क का नाम नारायण दत्त तिवारी मार्ग करने और  हल्द्वानी के मिनी स्टेडियम की दर्शक दीर्घा में टिनशेड बनाने की भी घोषणा की। सीएम ने कहा कि युवा प्रदेश जब 2025 में अपने स्थापना की रजत जयंती मनाएगा तो हम पूरे देश में आदर्श राज्य के रूप में अपने को प्रस्तुत करेंगे।

उन्होंने कहा कि उनके चार महीने के कार्यकाल में कर्मचारी संगठनों, आंगनबाड़ी वर्करों और आशाओं की मांगों का समाधान किया गया है। 24 हजार लोगों को सरकारी नौकरी देने के लक्ष्य के तहत 12 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। सीएम ने कहा कि जल्द ही कुमाऊं से अयोध्या के लिए सीधी ट्रेन चलाई जाएगी। इसे लेकर उनकी रेल मंत्री से वार्ता हो चुकी है। यह भी जोड़ा कि वह कोरी घोषणा नहीं करते हैं। घोषणा के तुरंत बाद उसका शासनादेश भी जारी कर देते हैं। सीएम ने यह भी कहा कि सड़कों के गड्ढे भरने के लिए फिर से एक हफ्ते का समय दिया गया है।

यदि गड्ढे नहीं भरे गए तो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर राज्य आंदोलनकारियों, शहीदों के परिजनों, आपदा में लोगों की जान बचाने वाले एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और सेना के जवानों, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों को सम्मानित भी किया गया।

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Author: nirbhiknazar

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