देहरादून: प्रदेश में कांग्रेस हाईकमान की ओर से तैनात पर्यवेक्षक टिकट को लेकर दावेदारों को तौल तो रहे ही हैं, साथ में जमीनी स्तर पर पार्टी के पक्ष में बनने वाले माहौल को भांपने में भी जुटे हैं। विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की स्थिति कमजोर पाई गई तो दावेदारों के टिकट पर दावे कमजोर पडऩे तय हैं।

एआइसीसी ने उत्तराखंड में पार्टी के 26 सांगठनिक जिलों और पांच लोकसभा क्षेत्रों में पर्यवेक्षक नामित किए हैं। कांग्रेसशासित राज्यों के विधायकों, सांसदों के साथ ही पार्टी की मजबूत पकड़ वाले राज्यों के पूर्व विधायकों और सांसदों को भी बतौर पर्यवेक्षक उत्तराखंड भेजा गया है। ढाई दर्जन पर्यवेक्षकों में सर्वाधिक 13 पर्यवेक्षक राजस्थान, छह हिमाचल प्रदेश, तीन दिल्ली व छह बिहार से हैं। हरियाणा व मध्यप्रदेश से भी पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं।
क्षेत्रों में डट गए हैं पर्यवेक्षक
पर्यवेक्षकों ने तय विधानसभा क्षेत्रों में तीन-तीन दिनी दौरा शुरू कर दिया है। विधानसभा क्षेत्रवार की जा रही बैठकों में टिकट के दावदारों से मुलाकात की जा रही है। एक पर्यवेक्षक को दो या अधिक विधानसभा क्षेत्रों का जिम्मा भी दिया गया है। पांच लोकसभा क्षेत्रों में टिहरी के लिए हिमाचल प्रदेश के पूर्व सांसद सुरेश चंदेल, पौड़ी के लिए हिमाचल प्रदेश के पूर्व मंत्री कुलदीप पर्यवेक्षक हैं। हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के लिए राजस्थान के मंत्री भजन लाल जाटव, अल्मोड़ा के लिए दिल्ली के पूर्व मंत्री राजकुमार चौहान, नैनीताल के लिए राजस्थान के मंत्री राजेंद्र यादव पर्यवेक्षक हैं।