पटना: बिहार की राजधानी पटना में 29 नवंबर से शुरू हो रहे सप्तदश बिहार विधानसभा के चतुर्थ सत्र शीतकालीन सत्र के सुचारु और सफल संचालन के लिए बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में सभी दलों के नेताओं के साथ एक बैठक की. इस दौरान उन्होंने कहा कि यह सत्र छोटा जरूर है, लेकिन इसका बड़ा महत्व है. साथ ही सदन में लोकहित के विषयों पर अधिकाधिक विमर्श होगा तो विमर्श की सार्थकता भी बढ़ेगी. दरअसल, विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में लोक और तंत्र की सक्रिय भागीदारी से जनहित के फैसले भी लिये जा सकेंगे. इससे न केवल जनमानस का जीवन सरल और सुगम बनेगा और बिहार का विकास भी तेज गति से हो सकेगा और विधायिका का एक प्रबल सकारात्मक संदेश भी समाज में जायेगा. इसलिए हमें अनुशासित होकर सदन और आसन की मर्यादा को अक्षुण्ण रखते हुए जनता की आवाज बनना होगा, ताकि हमारे आचरण से मर्यादा की सबसे बड़ी लकीर खींची जा सके.

लोकतंत्रीय परंपरा में विपक्ष भी सरकार का अंग है- विधानसभा अध्यक्ष
इस दौरान उन्होंने कहा कि लोकतंत्रीय परंपरा में विपक्ष भी सरकार का अंग है. सत्ता और विपक्ष, दोनों तरफ के लोग सदन के अधिकाधिक समय का सदुपयोग सार्थक विमर्श के लिये करें ताकि यह सदन जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप काम कर सके. वहीं, बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा से बैठक के दौरान उपस्थित दलीय नेताओं ने एक स्वर से आगामी सत्र को सुचारू रूप से चलाने में अपना सकारात्मक सहयोग देने की बात दोहरायी. विधान सभा अध्यक्ष विजय सिन्हा को बैठक के दौरान सभी दलीय नेताओं को बताया कि 25 नवंबर को देश रत्न डॉ राजेन्द्र प्रसाद जी की पावन धरती सीवान में युवा संसद का आयोजन किया गया है और इसी दिन जीरादेई में सामाजिक और नैतिक संकल्प अभियान का भी कार्यक्रम आयोजित है.
जनहित में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर समय से उपलब्ध कराने का किया आग्रह
बता दें कि बैठक के दौरान मौजूद दलीय नेताओं ने अध्यक्ष से सरकार से भी जनहित में पूछे गये प्रश्नों के तार्किक उत्तर ससमय उपलब्ध कराने का आग्रह किया. पिछले सत्र में अधिकांश विभागों से 90-95 प्रतिशत एवं कुछ विभागों से लगभग शता प्रतिशत उत्तर ऑनलाइन माध्यम से आए, इस सत्र में सभी विभागों से शत प्रतिशत उत्तर प्राप्त करने का लक्ष्य है और वरीय पदाधिकारियों की बैठक में इस क्रम में निर्देश दिए गए है. वहीं, इस बैठक में डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद, ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मुख्य सचेतक, मुख्य विरोधी दल ललित कुमार यादव, उपमुख्य सचेतक, सत्तारूढ़ दल जनक सिंह सहित बिहार विधान सभा के सचिव शलेंद्र सिंह और संयुक्त सचिव पवन कुमार पांडेय मौजूद थे.