पटना: बिहार में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को जेल की सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा 20 हजार रुपये तक जुर्माना भी भरना होगा। इसके लिए नीतीश सरकार ने कमिश्नर से लेकर डीएम तक को कार्रवाई करने का अधिकार दे दिया गया। ये अधिकारी सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों से जवाब-तलब कर सकेंगे।
राज्य सरकार ने सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने का अभियान तेज करने का फैसला किया है। इसी के साथ राज्य के सभी जल निकायों को भी अतिक्रमणमुक्त करना है। यह आदेश राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने पहले ही जारी किया था। लेकिन कार्य में शिथिलता को देखते हुए विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक सिंह ने एक बार फिर से सभी प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारियों को दिया। नये पत्र में जेल और अर्थदंड की व्यवस्था को प्रभावी बनाने का भी सख्त निर्देश दिया गया है।
राजस्व विभाग के पास सरकारी जमीन का पूरा ब्योरा नहीं है। लिहाजा सभी विभागों से जमीन का रिकार्ड मांगा गया है। सर्वे निदेशालय को मिली जानकारी के अनुसार सरकारी विभागों से अबतक 90688 प्लॉट की जानकारी दी है। इनमें सबसे अधिक 44532 प्लॉट राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के ही है। उसके बाद अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का नंबर है, जिसके द्वारा अब तक कुल 12866 प्लॉट की जानकारी दी गई है