देहरादून: उत्तराखंड के राजकीय चिकित्सालयों में आमजन को मुफ्त दवा वितरित की जाएगी। चिकित्सक यदि अस्पताल में मिलने वाली दवा से इतर कोई दवा लिखता है तो उसे कारण लिखना होगा। यह दवा सरकार ही उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही सरकार ने नई निर्यात नीति को मंजूरी प्रदान की है। इसमें निर्यात का लक्ष्य 30 हजार करोड़ रुपये रखा गया है। साथ ही इसके अंतर्गत 30 हजार व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त रोजगार के सृजन की व्यवस्था की गई है। सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। कैबिनेट में प्रदेश के राजकीय चिकित्सालयों में आमजन को मुफ्त दवा देने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही विभाग द्वारा दवा खरीद की व्यवस्था भी बनाई गई है। अपरिहार्य स्थिति में बाहर से दवा खरीदने पर केंद्र सरकार द्वारा तय दरों के आधार पर दवा खरीदने का भी विकल्प दिया गया है।

राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पहली बार उत्तराखंड निर्यात नीति 2021 को कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की है। इसमें 2020-21 में तय 15900 करोड़ के निर्यात लक्ष्य को आगामी पांच वर्षों में 30 हजार करोड़ रुपये करने और 30 हजार व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त रोजगार सृजन करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके साथ ही मौजूदा निर्यात अवसंरचना जैसे गोदाम, अंतरदेशीय कंटेनर डिपो, कोल्ड स्टोरेज, औद्योगिक संपदा व कलस्टर से रेल-सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ ही कृषि व कृषि आधारित क्षेत्रों, पर्यटन, सेवा, वेलनेस, आयुष, हैंडलूम, फार्मा, शिक्षा सेवाओं को भी निर्यात नीति के फोकस सेक्टर के रूप में चिह्नित किया गया है।
निर्यातकों को विभिन्न प्रकार के प्रोत्साहन जैसे भूमि की दरों में छूट, भूमि लागत में प्रतिपूर्ति सहायता, परिवर्तन शुल्क में प्रतिपूर्ति, विपणन सहायता, कौशल विकास एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण सहायता, अनुसंधान एवं विकास के लिए सहायता, ई-कामर्स प्लेटफार्म द्वारा उत्पादों की बिक्री में सहायता व कार्यशील पूंजी पर ब्याज प्रतिपूर्ति की भी व्यवस्था की गई है।