रांची : झारखंड में कोरोना से मृत लोगों के परिजनों को राज्य सरकार 50-50 हजार रुपये देगी. यह जानकारी बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने दी. उन्होंने बताया कि राज्य में जितने भी लोगों की मौत कोरोना से हुई है, उनके परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 50-50 हजार रुपये का अनुदान दिया जायेगा. इस मद की राशि जिलों को दे दी गयी है. सरकार की ओर से कुल 25 करोड़ 66 लाख 50 हजार रुपये जिलों को आवंटित कर दिये गये हैं.

पोर्टल या सीओ के पास दे सकते हैं आवेदन :
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि परिजनों द्वारा अनुदान का दावा पेश करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोर्टल भी तैयार किया गया है. जिन लोगों को अॉनलाइन आवेदन देने में परेशानी होगी, वह संबंधित क्षेत्र के सीओ के यहां भी आवेदन दे सकते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार जनता के सुख या दुख में हमेशा साथ खड़ी है. बन्ना गुप्ता ने कहा कि जिन लोगों ने अपने परिजनों को खोया है, उनके दुख को हम कम तो नहीं कर सकते. लेकिन उनके दुख को बांट जरूर सकते हैं. यह छोटी सी राशि देकर हम उनके दुख में साथ खड़े हैं.
राज्य में कोरोना से 5133 की हो चुकी है मौत :
झारखंड में कोरोना से अब तक 5133 लोगों की मौत हो चुकी है. 31 मार्च 2020 से लेकर सात दिसंबर 2021 तक राज्य में कुल तीन लाख 49 हजार 367 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं. इनमें तीन लाख 44 हजार 90 लोग स्वस्थ हो चुके हैं. इस समय कुल 136 एक्टिव केस हैं.
कुल 5133 लोगों की कोरोना से हो चुकी है मौत
जिला मृतक
रांची 1585
गुमला 38
सिमडेगा 92
लोहरदगा 88
पू सिंहभूम 1043
प सिंहभूम 133
जिला मृतक
सरायकेला 67
पलामू 110
गढ़वा 94
लातेहार 57
हजारीबाग 186
चतरा 53
जिला मृतक
कोडरमा 136
गिरिडीह 130
धनबाद 381
बोकारो 286
दुमका 47
जामताड़ा 60
जिला मृतक
देवघर 113
गोड्डा 87
साहिबगंज 42
पाकुड़ 12
रामगढ़ 197
खूंटी 96
अस्पताल निर्माण से पहले मैनपावर स्वीकृति जरूरी
राज्य में अब अस्पतालाें के भवन निर्माण से पूर्व आवश्यक मैनपावर को लेकर पद सृजन की कार्रवाई की जायेगी. पद का सृजन भारतीय लोक स्वास्थ्य मानक (आइपीएचएस) के अनुरूप होगा. इसके बाद ही भवन निर्माण की स्वीकृति मिलेगी. यह आदेश बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने जारी किया. समीक्षा में पाया गया कि मानकों को अनदेखी कर पीएचसी, सीएचसी आैर स्वास्थ्य उपकेंद्रों के भवनों का निर्माण कर दिया जाता है और मैनपावर की बहाली नहीं की जाती है.