नैनीताल: जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल की अध्यक्षता में शीतकालीन हिमपात /ओलावृष्टि की तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में शीतकालीन हिमपात/ओलावृष्टि के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों हेतु विभिन्न विभागों द्वारा की गई तैयारियों की समीक्षा की गई तथा सड़क महकमें, पेयजल, पुलिस, विद्युत, स्वास्थ्य विभागों को आवश्यक व्यवस्थयाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

जिलाधिकारी श्री गर्ब्याल ने कहा कि वन विभाग/वन निगम हिमपात/ओलावृष्टि/आंधी-तूफान से संवदेनशील चिन्हित वृक्षों की लापिंग/पातन करना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि हिमपात/ओलावृष्टि, आंधी-तूफान के कारण मार्गो पर गिरे वृक्षों को तत्काल मार्ग के किनारो से हटाया जाना भी सुनिश्चित करेंगे ताकि यातायात सुचारू रहे। उन्होंने इसके अतिरिक्त आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 की धारा 30(वी) के अन्तर्गत जिला प्राधिकरण को प्रदत्त शक्तियों के अन्तर्गत लोक निर्माण विभाग, पुलिस एवं अग्निशमन विभाग, विद्युत विभाग, स्थानीय निकायों एवं राजस्व विभाग को निर्देशित किया जाता है कि आपदा से संवेदनशील वृक्षों जोकि हिमपात/ओलावृष्टि,आंधी-तूफान आदि की स्थिति में जान-माल की क्षति पहुंचा सकते हैं, तत्काल निस्तारण कराना सुनिश्चित करेंगे। राजस्व/नगर निगम/पुलिस चिन्हित सार्वजनिक स्थानों पर अलावों की व्यवस्था, गरीब निराश्रितों को निःशुल्क कम्बल वितरण तथा खुले में सोने वाले व्यक्तियों के लिए संचालित रैन बसेरों के माध्यम से ठंड से बचाव सुनिश्चित किये जाये। उन्होंने कहा कि रात्रि गशत/भम्रण कर खुले में सोने वाले व्यक्तियों को रैन बसेरों में ठहराते हुए सुनिश्चित किया जाए कि ठंड से किसी प्रकार की जनहानि न हो।
बैठक में जलसंस्थान द्वारा अवगत कराया गया कि हिमपात में पेयजल लाईनों में पानी के जम जाने से आपूर्ति प्रभावित होती है। इसको सुचारू रखे जाने हेतु जिन स्थानों में पाईप लाईन भूमिगत नहीं हैं वहं पानी जम जाने पर उसे गर्म करके सुचारू किया जाता है। विद्युत विभाग द्वारा अवगत कराया कि हिमपात के दौरान विद्युत आपूर्ति सुचारू रखे जाने हेतु विद्युत उप स्टेशनों पर कार्मिकों/अवर अभियंताओं की तैनाती सुनिश्चित की गई है। विभिन्न क्षमता के ट्रांस्फारमर, पोल तथा तार रिजर्व स्टाक के रूप में रखे गये है। निर्देशित किया गया कि समस्त विद्युत केन्द्रों/उप केन्द्रों पर तैनात अभियंताओं के अद्यतन दूरभाष नम्बर रविवार तक कार्यालय को उपलब्ध करा दिया जाये। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अवगत कराया कि हिमपात से संवेदशीनल क्षेत्रों के समस्त चिकित्सालयों में आपतकालीन परिस्थितियों से निपटने हेतु इमरजेंसी किट्स उपलब्ध कराई गई है। प्रत्येक किट में आवश्यक जीवन रक्षक औषधियं एवं अन्य औषधीय सामग्री रखी गई है। शीतकालीन आपदा के दौरान समस्त चिकित्सकीय स्टाफ एवं चिकित्सक अपने-अपने मुख्यालय पर ही स्टेशन करेंगे, ताकि आकस्मिकता की स्थिति में तत्काल राहत बचाव कार्य किये जा सके। जिलाधिकारी ने पूर्ति विभाग के अधिकारियों से कहा कि आपतकालीन परिस्थितियोें के दृष्टिगत ईंधन का भी रिजर्व रखा जाये। पुलिस/अग्निशमन विभाग द्वारा अवगत कराया कि राहत बचाव कार्यों के दृष्टिगत पुलिस थानों/चौकियों/अग्निशमन विभाग के पास वुड कटर, कंक्रीट कटर, आयरन कटन, आस्का लाईट, रिमोट एरिया लाईट तथा अन्य उपकरण उपलब्ध कराये गए है। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्य अग्निशमन अधिकारी तथा सम्बन्धित थानाध्यक्ष/चौकी इंचार्ज सुनिश्चित कर लें कि उक्त उपकरण 24 घटें संचालित अवस्था में रहें। उन्होंने कहा कि किसी आकस्मिकता की स्थिति में उपकरणों विशेषकर आस्कालाईट/रिमोट एरिया लाईट का प्रयोग राहत एवं बचाव कार्यों में किया जाए।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रीति प्रिदर्शनीय, मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 संदीप तिवारी, अपर जिलाधिकारी अशोक जोशी, संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रतीत जैन, सीटी मजिस्ट्रेट रिचा सिंह, उपजिलाधिकारी मनीष कुमार, गौरव चटवाल, रेखा कोहली, राहुल शाह, योगेश सिंह, डीएसओ मनोज बर्मन, आपदा प्रबन्धन अधिकारी शैलश कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत, लोनिवि, पेयजल,स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
ऐजाज हुसैन की रिपोर्ट