हल्द्वानी : पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने 16 दिसंबर को देहरादून में आयोजित राहुल गांधी की रैली को कांग्रेस के अस्तित्व बचाने की महारैली बताया। इस महारैली का स्वरूप कार्यकर्ताओं को ही तय करना है। रैली में करंट नहीं होगा तो इसके गुनाहगार हम होंगे। बोले, मैं मलाई खाने के लिए नहीं बल्कि 2022 में प्रदेश में लौट रही कांग्रेस के एक योद्धा के तौर पर आया हूं।
दून में रैली की तैयारियों के क्रम में शनिवार को स्वराज आश्रम में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें पदाधिकारियों व दावेदारों को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री आर्य ने कहा कि यह विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है। जनता मान चुकी है कि उत्तराखंड में कांग्रेस की वापसी होने जा रही है। लड़ाई कठिन व बड़ी है। सत्तापक्ष के पास सरकारी मशीनरी व मनी दोनों ताकत हैं। हमें योद्धा की तरह लडऩा है। महारैली के लिए नैनीताल जिले से 100 बसें भेजी जाएंगी।
उन्होंने चुनाव में दावेदारों से भी बड़ा लक्ष्य लेकर चलने को कहा। रैली में युवाओं, महिलाओं व पूर्व सैनिकों की भागीदारी रहेगी। पूर्व सैनिकों के लिए अलग कारिडोर बनेगा। बैठक में पूर्व मंत्री हरीश दुर्गापाल, प्रदेश महामंत्री महेश शर्मा, प्रचार समिति अध्यक्ष सुमित हृदयेश, जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल, महानगर अध्यक्ष राहुल छिमवाल, राम बाबू मिश्र, संजय बिष्ट, हरेंद्र बिष्ट, राजेंद्र खनवाल आदि मौजूद रहे।