देहरादून: आगामी 16 दिसंबर को देहरादून में राहुल गांधी की एक विशाल रैली से कांग्रेस पार्टी अपने चुनावी अभियान का ज़ोरदार आगाज़ करने के लिए कमर कस रही है. 2022 के विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र कांग्रेस पार्टी ने सशस्त्र बलों से जुड़े परिवारों में पैठ बनाने के लिए बड़े स्तर पर कार्यक्रम की योजना बनाई है. इसी के तहत कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी देहरादून पहुंच रहे हैं, जो ‘सैनिक विजय सम्मान दिवस’ के रूप में रैली करेंगे और फिर परेड ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित करेंगे. इस रैली के लिए कांग्रेस ने भीड़ जुटाने के मामले में भी बड़ा लक्ष्य रखा है.

साल 1971 में पाकिस्तान के साथ युद्ध में जीत की याद को विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है और 50 साल पूरे होने के मौके पर यह आयोजन कांग्रेस पार्टी करने जा रही है. खबरों की मानें तो उत्तराखंड में कांग्रेस के मौजूदा और पूर्व विधायकों समेत केंद्र के नेताओं को भी यह ज़िम्मेदारी दी गई है कि गांधी की रैली में उससे ज़्यादा समर्थकों की भीड़ जुटाई जाए, जितनी बीते 4 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में जुटी थी. यह भी बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम के लिए उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं को कार्यकर्ता स्तर तक की ज़िम्मेदारियां सौंपी गई हैं.
क्या रहेगा कार्यक्रम का फोकस?
मुख्य तौर पर इस पूरे आयोजन में कांग्रेस का मुख्य फोकस सैन्य परिवारों पर ही रहेगा. बताया जा रहा है कि 1971 के य़ुद्ध में शरीक रहे पूर्व सैनिकों के साथ ही उनके परिजनों को इस कार्यक्रम के लिए विशेष तौर से शामिल किया जाने वाला है. दूसरी तरफ, बीते 8 दिसंबर को एक हवाई हादसे में काल कवलित हुए सीडीएस जनरल बिपिन रावत को भी गांधी श्रद्धांजलि देंगे. उत्तराखंड के पौड़ी ज़िले से ताल्लुक रखने वाले रावत के साथ ही अन्य शहीदों के प्रति भी संवेदनाएं व्यक्त करेंगे.