Nirbhik Nazar

सीएम धामी को टकटकी लगाये देख रहे बेरोजगार फार्मासिस्ट,पढ़िये पूरी खबर…

देहरादून: प्रशिक्षित बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्ट अपनी नियुक्ति सहित विभिन्न मांगों को लेकर 19 अगस्त,2021 से एकता विहार धरना स्थल देहरादून में आंदोलनरत है। इस बीच उनके द्वारा महानिदेशालय से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक रैलियां एवं प्रदर्शन किया गया,यहां तक कि बेरोजगारों द्वारा अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए आमरण अनशन भी किया गया जिसको कि कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत द्वारा आश्वासन पर तुड़वाया गया। प्रदेश अध्यक्ष के द्वारा बताया गया कि 122 दिन बीत जाने के पश्चात भी सरकार द्वारा बेरोजगारों की मांगों के संबंध में कोई भी निर्णय नहीं लिया गया जो कि सरकार की बेरोजगारों के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाता है। आज 20 वर्षों से रोजगार की राह देख रहा बेरोजगार फार्मासिस्ट सरकार की अनदेखी के कारण हताश एवं निराश है और अपने भविष्य के लिए सड़कों पर आंदोलन करने के लिए विवश है। स्थिति  ऐसी है की विभाग में वर्षों से पद रिक्त चल रहे हैं परंतु उन रिक्त पदों पर बेरोजगारों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष के द्वारा  बताया गया कि 14 दिसम्बर को मुख्यमंत्री आवास तक की महाअक्रोश रैली को सरकार द्वारा जबरन पुलिस बल का प्रयोग कर आंदोलनरत 21000 बेरोजगार फार्मासिस्टों को आहत किया है। उन्होंने बताया कि बेरोजगार फार्मेसिस्ट अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण तरीके से महारैली में सम्मिलित हुए थे,जिसको की सरकार द्वारा कुचलने का प्रयास किया गया। प्रदेश अध्यक्ष द्वारा बताया गया की 4 माह के पश्चात् सरकार द्वारा केवल रोजगार संघटन के हितों के लिए ऐसा शासनादेश लाया जा रहा है जिससे बेरोजगारों का भविष्य 2030 तक अंधकारमय हो जाएगा और भविष्य में रोजगार के नए अवसरों की संभावना भी धूमिल हो जायेगी।

उन्होंने रोजगार संघटन के प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रताप पंवार पर भी बेरोजगारों के हितों को कुचलने का आरोप लगाया है। प्रदेश अध्यक्ष द्वारा आरोप लगाया कि रोजगार संघटन द्वारा निजी स्वार्थ के कारण आंदोलन के बीच में जान बूझकर ढाँचा पुनर्गठन का प्रस्ताव लाया गया, परंतु उसमें उपकेंद्र के 536 सृजित पदों को बचाने का प्रयास नहीं किया गया जिससे 20 वर्ष से रोजगार की आश संजोए बेरोजगार फार्मासिस्टों में आक्रोश चरम पर है।

प्रदेश प्रवक्ता धनपाल रावत के द्वारा बताया गया कि स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषय की अनदेखी करना और फार्मासिस्टों के अहम योगदान को नजरअंदाज करना सरकार की बहुत बड़ी भूल साबित हो सकती है। उन्होंने सरकार से ढांचा पुनर्गठन के शासनदेश को तत्काल रोकने की मांग की है और कहा है कि यदि बेरोजगारों के अहित करने वाला यह शासनादेश जारी हो जाता है तो 21000 बेरोजगार फार्मासिस्टों के लिए वह दिवस काला दिवस साबित होगा।

122वें धरना दे देने वालों में जगदीश, विजय, जयप्रकाश, विनोद,  सोनल, अलीशा, पामिता, रविंदर, विनायीका अरुण,राकेश, जितेंद्र, नवीन, सुमन,  शैलेंद्र, संजीव आदि उपस्थित रहे।

nirbhiknazar
Author: nirbhiknazar

Live Cricket Score
Astro
000000

Live News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *