देहरादून: अब तक भ्रष्टाचार और खनन को लेकर सरकार को घेरते आए उत्तराखंड के पूर्व सीएम और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत ने इस बार सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए मुख्य सूचना आयुक्त के पद को बेचने का आरोप लगाया है। रावत के इस आरोप पर शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि स्क्रीनिंग कमेटी में नेता प्रतिपक्ष भी सदस्य हैं। उन्होंने रावत के आरोप को उन्हीं की पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष पर हमला करार दिया।

अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट लिखते हुए पूर्व सीएम हरीश रावत का आरोप है कि लंबे समय से खाली चल रहे मुख्य सूचना आयुक्त के पद का अब सौदा हो चुका है। एक खांटी आरएसएस से जुड़े उत्तराखंडी मूल के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी को इस पद से नवाजा जा रहा है। सबको साधा जा रहा है। साधने का काम दक्षिण भारत में उद्योग में सितारे की तरह चमक रहे एक उत्तराखंडी मूल के उद्योगपति लगे हुए हैं। हरीश रावत का कहना है कि यदि इस तरह के शीर्ष पद भी बिकेंगे तो फिर बालू-बजरी और जमीने तो बे-भाव बिकेंगी ही।
हरीश रावत खुद मुख्यमंत्री रहे हैं। वह जानते हैं कि मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति को लेकर स्क्रीनिंग कमेटी बनती है। उस स्क्रीनिंग कमेटी में मुख्यमंत्री, एक कैबिनेट मंत्री और नेता प्रतिपक्ष होते हैं। यदि हरीश रावत इस प्रकार की बात कह रहे हैं तो वह सीधे-सीधे नेता प्रतिपक्ष पर भी हमला बोल रहे हैं।
– सुबोध उनियाल, शासकीय प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड सरकार