औरंगाबाद: महाराष्ट्र के बीड जिले में वन विभाग ने दो बंदरों को पकड़ा. गत कुछ महीनों के दौरान ये बंदर कुछ पिल्लों को कथित तौर पर अपने साथ ले गए और उन्हें पेड़ों या छतों पर रख देते थे. इसमें कुछ पिल्लों की वहां बिना भोजन या वहां से नीचे गिरने से मौत हो गई. यह जानकारी अधिकारियों ने दी. अधिकारियों ने बताया कि इन बंदरों को शनिवार को पकड़ा गया और उन्हें उनके प्राकृतिक प्रवास में स्थानांतरित किया गया.
Maharashtra | 2 monkeys involved in the killing of many puppies have been captured by a Nagpur Forest Dept team in Beed, earlier today. Both the monkeys are being shifted to Nagpur to be released in a nearby forest: Sachin Kand, Beed Forest Officer pic.twitter.com/3fBzCj273p
— ANI (@ANI) December 18, 2021
वन अधिकारी ने 3-4 पिल्लों की ही मौत बताई
लावूल गांव के एक निवासी ने दावा किया कि ये दो बंदर कम से कम 200 पिल्लों को कथित तौर पर उठा ले गए जिससे उनकी मौत हो गई. हालांकि, रेंज वन अधिकारी अमोल मुंडे ने कहा कि इस गांव से केवल 3 से 4 ऐसी घटनाएं ही सामने आयी हैं जिसमें पिल्लों की इन दो बंदर द्वारा ले जाये जाने के बाद मौत हो गई.

बंदर पिल्लों को ऊंचाई वाले स्थान पर रख देते थे
ग्रामीण राधाकिशन सोनवणे ने कहा कि दो बंदर पिल्लों को अपने साथ ले जाते थे. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं पिछले तीन महीनों से हो रही थीं. ये दो बंदर पिल्लों को अपने साथ ले जाते थे और घरों की छत या ऊंचाई वाले किसी अन्य स्थान पर रख देते थे. उन्होंने कहा कि इतनी ऊंचाई पर इन पिल्लों को भोजन या पानी नहीं मिलता था. इसलिए वे कई बार मर जाते थे. ये पिल्ले कभी-कभी ऊंचाई से गिरकर भी मर जाते थे. हमारे गांव में 200 से अधिक पिल्लों की मौत हुई है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मारे जाने वाले पिल्लों की संख्या 250 तक बताई गई है.
देते थे ऐसी मौत
मुंडे ने कहा कि बंदर पिल्लों को ले जाते थे, जो उनकी “आदत” थी. उन्होंने कहा कि वे पिल्लों को छतों या ऊंचे पेड़ों पर रखते थे. पिल्ले ऐसी जगहों पर जीवित नहीं रह सकते क्योंकि उन्हें वहां भोजन या पानी नहीं मिलता. दूसरा यदि कोई पिल्ला इन दो बंदरों से भागता था तो वह ऊंचाई से गिरकर मर जाता था. लावूल गांव में बंदरों द्वारा ले जाये जाने के बाद पिल्लों की मौत की 3 से 4 घटनाएं सामने आयी हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या ये बंदर किसी जवाबी हमले में पिल्लों को निशाना बना रहे हैं, उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में लावूल गांव में बंदर के किसी बच्चे की मौत नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि इन दो बंदरों से बचकर भागने के दौरान कुछ लोग चोटिल भी हुए हैं. वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि लगभग महीने भर पहले कुत्तों ने बंदर के एक बच्चे को पकड़ लिया था और मार दिया था.इस घटना के बाद से ही बंदरों ने बदले की नीयत से पिल्लों को मारना शुरू कर दिया.