देहरादून: राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा का कहना है कि हरीश रावत कांग्रेस के प्रतीक है। 2002 में विधायकों के समर्थन के बावजूद परिस्थितियां उनके अनुकूल नहीं बनी। मगर वह खड़े रहे। चार कार्यकारी अध्यक्ष के फार्मूले में एक नाम उस नेता का है जिसने स्व. एनडी तिवारी की सरकार को कमजोर किया। और दूसरे नाम उसका है जिसने हरीश रावत की सरकार को बदनाम किया। सल्ट उपचुनाव में एक नकारात्मक माहौल बनाने वाले को अहम जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई। उत्तराखंड कांग्रेस के कमांडर हरीश रावत ही है। उन्हें चेहरा घोषित करना चाहिए।
