देहरादून: गौरतलब है कि प्रशिक्षित बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्ट अपनी नियुक्ति सहित विभिन्न मांगों को लेकर 19 अगस्त,2021 से एकता विहार धरना स्थल देहरादून में आंदोलनरत है। इस बीच उनके द्वारा महानिदेशालय से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक कई रैलियां एवं प्रदर्शन किया गया,यहां तक कि बेरोजगारों द्वारा अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए आमरण अनशन भी किया गया। प्रदेश अध्यक्ष महादेव गौड़ द्वारा बताया गया कि सरकार द्वारा जो शासनादेश जारी किया गया है उसमें 4 माह से आंदोलनरत बेरोजगारों के साथ बहुत बड़ा विश्वास घात किया गया। 536 पदों को समाप्त कर सरकार ने वर्षो से रोजगार की राह देख रहे बेरोजगार फार्मासिस्टों के सपने को एक झटके में चकनाचूर कर दिया और भविष्य की राह भी मुश्किल कर दी। उन्होंने कहा कि एक सरकार ने 2005 में जनहित में 536 पदों का सृजन कर दूरदर्शिता दिखाई थी और एक सरकार यह है जो रोज़गार छीनने का काम कर रही है। उन्होंने रोजगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रताप पंवार पर अपने निजी स्वार्थ को लेकर बेरोजगारों के अधिकारों को कुचलने का और फॉर्मेसी संवर्ग के कुनबे को खत्म करने का आरोप लगाया है।

प्रदेश महामंत्री जय प्रकाश गैरोला द्वारा कहा गया कि स्वास्थ्य मंत्री द्वारा बेरोजगार फार्मासिस्टों के साथ विगत चार माह से जो दुर्व्यवहार किया गया है वह अत्यन्त शर्मनाक एवं निंदनीय है। उनके द्वारा बेरोजगार विरोधी शासनादेश जारी करने के पश्चात् भी बेरोजगारों के साथ साथ कैबिनेट मंत्री वंशीधर भगत सहित पुरी सरकार से झूठ बोला है जो कि प्रदेश की राजनीति के लिए अस्वस्थ एवं निंदनीय परंपरा है।
प्रदेश प्रवक्ता धनपाल रावत द्वारा बताया कि इस सरकार द्वारा जो कृत्य किया गया वह अत्यन्त ही दुखद एवम अनैतिक है। उन्होंने अपना दर्द बयां करते कहा कि सरकार ने कोरोना के कारण भर्ती की ऊपरी आयु सीमा में एक वर्ष की छूट भी दी थी और एक उम्मीद जगी थी कि 21 वर्ष पश्चात ही सही कम से कम रिक्त पद पर रोजगार तो मिल पायेगा, परंतु आज आंखो में आंसुओ की धारा बह रही है और आक्रोश है कि किस प्रकार इस निर्लज्ज सरकार ने मेरी तरह अन्य बेरोजगार फार्मासिस्टों के पेट पर लात मारी है।
131वें धरना दे देने वालों में जगदीश, विजय, जयप्रकाश, विनोद, सोनल, राजेश्वर,रंजन, अलीशा, पामिता, कृष्णा, रविंदर, विनायीका अरुण,राकेश, जितेंद्र, नवीन, सुमन, शैलेंद्र, संजीव आदि उपस्थित रहे।