देहरादून: पूर्व राज्यमंत्री राजेन्द्र शाह के साथ मारपीट का मामला कोतवाली पहुंच चुका है। आपको बता दें चंद रोज़ पहले कांग्रेस भवन में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र शाह की पिटाई की थी। राजेंद्र शाह पर हाथ उठाने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप था कि वो हरीश रावत को गाली दे रहे थे और अभद्र भाषा का प्रयोग किया था जबकि राजेंद्र शाह का कहना था कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया। राजेंद्र शाह का आरोप है कि हरीश रावत के लिए अपशब्द का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए मारपीट शुरू कर दी। कांग्रेस के नेता इसे दुर्भाग्यपूर्ण और आपसी मामला बता तो रहे हैं लेकिन सवाल ये है की चुनाव प्रचार मे लगी कांग्रेस ने पहले घर का झगड़ा घर मे ही क्यों नहीं सुलझाया ? क्या गुटों मे बंटी कांग्रेस के ही किसी गुट ने इस कारनामे को अंजाम दिलवाया ? अगर ऐसा नहीं है तो फिर कांग्रेस की अनुशासन समिति अब तक खामोश क्यों है ? ये मामला कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय से निकालकर थाने तक कैसे पहुंचा काया कांग्रेस के किसी बड़े नेता की जिम्मेदारी नहीं थी की इस मामले का निस्तारण करा दिया जाए?

राजेन्द्र शाह का छलका दर्द
राजेन्द्र शाह ने एक चैनल को बयान देते हुए अपना दर्द बयां किया है राजेन्द्र शाह का कहना है की कांग्रेस के किसी बड़े नेता ने मुझे फोन करके हालचाल नहीं जाना । बड़ा ही दुखद मामला है। राजेन्द्र शाह ने अपने ही कांग्रेस के नेताओं पर ये आरोप लगाया है उनकी सहमति पर ही मेरे ऊपर हमला हुआ। किसी भी नेता ने मुझे फोन नहीं किया । राजेन्द्र शाह का कहना है की कांग्रेस के मुख्यालय मे ये घटना घटी जो बहुत निंदनीय है और कांग्रेस के नेता चुप्पी साधे बैठे हैं। आज तक कांग्रेस अनुशासन समिति की तरफ से किसी पर कोई कार्यवाई नहीं हुई जबकि इस घटना को 5 दिन गुज़र चुके हैं। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र शाह का कहना है की अगर कांग्रेस की अनुशासन समिति ने कार्रवाई नहीं की तो मैं आरोपियों के खिलाफ AICC के गेट पर धरना दूंगा। राजेन्द्र शाह का कहना है की उनके ऊपर सुनुयोजित साजिश के तहत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने हमला कराया है और वो चुप बैठने वाले नहीं हैं।
देखिये क्या बोले राजेन्द्र शाह