देहरादून: कोरोना महामारी की तीसरी लहर से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कसरत तेज कर दी है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ.तृप्ति बहुगुणा ने प्रदेश के बाल रोग विशेषज्ञों की संस्था इंडियन एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिशियन के साथ तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अगर किसी परिवार के दो लोगों को खांसी-जुकाम है तो परिवार के सभी सदस्यों की कोविड जांच कराई जाए।
वर्चुअल बैठक में दून मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.अशोक कुमार, एसोसिएशन सचिव डॉ.तन्वी खन्ना, डॉ.आलोक सेमवाल, हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज की प्रो.रितु रखोलिया, जौलीग्रांट मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.बीपी कालरा, रुड़की आईएपी के सचिव डॉ.अभिषेक ऐरन सहित तमाम बाल रोग विशेषज्ञ शामिल हुए।

महानिदेशक डॉ.बहुगुणा ने तीसरी लहर में बच्चों के प्रभावित होने की दशा में उपचार की विशेष रणनीति के बारे में बाल रोग विशेषज्ञों से सुझाव प्राप्त किए। निर्देश दिए कि अगर किसी परिवार में सर्दी-जुकाम के मरीज अधिक संख्या में आ रहे हैं तो उस परिवार के सभी सदस्यों की कोविड जांच जरूर कराई जाए।
उन्हें कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करने के लिए जागरूक किया जाए। सार्वजनिक स्थानों पर जाने से मना किया जाए। स्वास्थ्य महानिदेशक ने बाल रोग विशेषज्ञों से कहा कि वह अपनी नियमित ओपीडी के माध्यम से माता-पिता को ओमिक्रॉन वैरिएंट से सावधान व सतर्क रहने के बारे में बताएं।