देहरादून: उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पंजाब सहित 5 राज्यों में चुनाव तारीखों का ऐलान हो चुका है। उत्तराखंड में एक बार कांग्रेस और एक बार बीजेपी सरकार की ‘प्रथा’ लंबे समय से चल रही है। क्या इस बार पुष्कर सिंह धामी बीजेपी की धमक बरकरार रख पाएंगे या हरीश रावत के नेतृत्व में कांग्रेस सत्ता हासिल कर पाएगी? इसका जवाब 10 मार्च को मतगणना के बाद मिलेगा। फिलहाल एक ताजा ओपिनियन पोल में दोनों पार्टियों में कांटे की टक्कर दिख रही है। उत्तराखंड में सभी सीटों पर 14 फरवरी को मतदान होगा। तमाम सर्वे करने वाली संस्था और समाचार चैनल की रिपोर्ट या उनकी ओर से किए गए ओपिनियन पोल के नतीजे बताते हैं कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस में नजदीकी मुकाबला हो सकता है। ओपिनियन पोल के मुताबिक, बीजेपी 31 से 37 सीटें जीत सकती है तो कांग्रेस भी 30 से 36 सीटें हासिल कर सकती है। वहीं, आम आदमी पार्टी 2-4 सीटों पर सिमट सकती है। इस ओपनियन पोल के मुताबिक, बीजेपी और कांग्रेस के बीच बराबरी की टक्कर है और बाजी किसी ओर भी जा सकती है। उत्तराखंड में 70 विधानसभा सीटों वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 36 है। पिछले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 51 सीटें मिली थीं तो कांग्रेस को 11 सीटें हासिल हुईं थीं।

किसे कितना वोट शेयर?
ओपिनियन पोल के आंकड़े बताते हैं कि बीजेपी को इस चुनाव में 39 फीसदी वोट मिल सकते हैं तो कांग्रेस को 37 फीसदी वोट हासिल हो सकते हैं। आम आदमी पार्टी के खाते में 13 फीसदी वोट जा सकते हैं तो अन्य 11 फीसदी वोट ले सकते हैं। बता दें कि 2017 के चुनाव में बीजेपी को 46 फीसदी वोट मिले थे तो कांग्रेस को 33 फीसदी। इस लिहाज से देखें तो दोनों ही पार्टियों के वोट शेयर में कमी दिख रही है।
मुख्यमंत्री पद के लिए कौन है पहली पसंद?
ओपिनियन पोल के मुताबिक, सर्वे में शामिल हुए सर्वाधिक 37 फीसदी लोगों ने कांग्रेस नेता हरीश रावत को मुख्यमंत्री पद के लिए पहली पसंद बताया तो 29 फीसदी लोग पुष्कर सिंह धामी को दोबारा मौका देना चाहते हैं। 18 फीसदी लोग बीजेपी के अनिल बलूनी को सीएम बनाना चाहते हैं। 9 फीसदी ने आम आदमी पार्टी के सीएम उम्मीदवार कोठियाल को पसंद किया तो 7 फीसदी किसी अन्य को मुख्यमंत्री पद पर देखना चाहते हैं।