देहरादून. उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव में मुख्य पार्टियों के प्रत्याशियों को लेकर सस्पेंस खत्म करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने पहली लिस्ट गुरुवार को जारी कर दी. उत्तराखंड भाजपा के चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने पहली लिस्ट की घोषणा सांसद अनिल बलूनी की मौजूदगी में की. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह खटीमा सीट से ही चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने दावा किया कि भाजपा इस बार प्रदेश में 60 से ज़्यादा सीटों पर जीत दर्ज करेगी. प्रदेश स्तर से संगठन द्वारा दावेदारों के जो नाम भेजे गए थे, बुधवार को दिल्ली में पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में उन पर चर्चा के बाद ज़्यादातर सीटों पर सहमति बन चुकी थी. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक और भाजपा संगठन के प्रदेश महामंत्री अजेय दिल्ली में डटे हुए थे.

सीएम धामी ने बताया कि मंडल स्तर तक रायशुमारी की गई है और लोकतांत्रिक ढंग से टिकट तय करने की प्रक्रिया हुई है. इसके बाद केंद्रीय चुनाव समिति फैसला करेगी. धामी ने कहा कि मौजूदा स्थिति में जो सबसे उपयुक्त होगा, उसी दावेदार को उम्मीदवार के तौर पर चुना जाएगा. धामी ने साफ तौर पर कहा कि इस बार पार्टी का चुनाव मंत्र ‘अबकी बार 60 पार, फिर मोदी सरकार’ ही होगा. टिकट की पहली लिस्ट जारी करने से पहले भाजपा में दुर्गेश्वर लाल और जनरल बिपिन रावत के भाई विजय रावत के पार्टी में शामिल होने के बड़े घटनाक्रम भी हुए.
उत्तराखंड बीजेपी के उम्मीदवारों के नाम
प्रदेश महामंत्री अरुण सिंह ने उम्मीदवारों की घोषणा की. इससे पहले जोशी ने बताया कि लिस्ट में 15 ब्राह्मणों को टिकट दिया है, तो बनिया समुदाय के 3 उम्मीदवारों को. साथ ही 5 महिलाओं को टिकट दिया गया है.
पुष्कर सिंह धामी खटीमा से चुनाव लड़ेंगे
मदन कौशिक हरिद्वार से
दुर्गेश्वर लाल पुरोला से
केदार सिंह रावत यमुनोत्री से
सुरेश चौहान गंगोत्री
कर्ण प्रयाग से अनिल नौटियाल
नरेन्द्र नगर से सुबोध उनियाल
प्रीतम सिंह पंवार धनौल्टी से
रायपुर से उमेश शर्मा काऊ
देहरादून कैंट से सविता कपूर
मसूरी से गणेश जोशी
ऋषिकेश से प्रेम चंद्र अग्रवाल
मंगलोर से दिनेश पावर
हरिद्वार ग्रामीण से स्वामी यतीश्वरानंद
श्रीनगर से धन सिंह रावत
सतपाल महाराज चौबट्टाखाल से
अल्मोड़ा से कैलाश शर्मा
सरिता आर्य नैनीताल से
सितारगंज से सौरभ बहुगुणा
भाजपा की पहली लिस्ट के मायने?
उत्तराखंड में कुल 70 विधानसभा सीटें हैं, जिन पर भाजपा के साथ ही कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के अलावा बसपा ने भी चुनाव में उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है. आप ने बाज़ी मारते हुए अब तक 50 से ज़्यादा सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं, जबकि कांग्रेस 14 जनवरी को पहली लिस्ट जारी करने की घोषणा के बावजूद पिछड़ गई है. चुनाव आयोग ने 14 फरवरी को राज्य में वोटिंग तारीख तय की है, जिसे आगे बढ़ाने को लेकर भी मांग उठी है. ऐसे में भाजपा ने प्रत्याशियों की घोषणा कर अपनी रणनीति साफ करने की कोशिश की है.

