देहरादून: पंजाब चुनाव का घमासान तेज होता जा रहा है. मतदान से पहले आम आदमी पार्टी अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार का ऐलान कर चुकी है. AAP ने पहले ही ये बात साफ कर दी थी कि पंजाब चुनाव में उतरने से पहले जनता के सामने मुख्यमंत्री का चेहरा लाया जाएगा. बात अगर मुख्यमंत्री उम्मीदवार की करें तो पार्टी पंजाब के लिए भगवंत मान को सीएम फेस मान रही थी। और पार्टी में सीएम चेहरे की रेस में भगवंत मान ही हीरो निकले. सियासी गलियारों में इसको लेकर चर्चा है कि, क्या केजरीवाल की पार्टी के लिए पंजाब और उत्तराखंड में दो नियम हैं? उत्तराखंड में पार्टी ने बिना किसी से पूछे अजय कोठियाल के नाम का ऐलान कर दिया और पंजाब में लोगों से पूछकर फैसला लिया गया.

AAP ने लोगों से फोन पर पूछा पंजाब का सीएम फेस कौन
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पहले एक मोबाइल नंबर जारी करके पंजाब के लोगों से पूछा कि विधानसभा चुनाव में किसको मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनाया जाए. वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा के मुताबिक ‘इस नंबर पर 72 घंटे में साढ़े पांच लाख से ज्यादा लोगों ने व्हाट्सएप, 7 लाख के करीब लोगों ने कॉल और डेढ़ लाख लोगों ने वॉइस मैसेज और डेढ़ लाख लोगों ने टेक्स्ट मैसेज के जरिए अपनी राय देकर भगवंत मान का नाम बताया।
उत्तराखंड में बंद कमरे में घोषित हो गया सीएम फेस !
पंजाब में केजरीवाल के इस दांव को लेकर उत्तराखंड मे सीएम फेस पर सवाल खड़ा होना लाज़मी है। कि उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी ने कैसे रिटायर सैन्य अधिकारी अजय कोठियाल को सीएम का दावेदार बनाया ? वहां क्यों नहीं उत्तराखंड के लोगों से पूछा गया कि, ‘आम आदमी पार्टी को किस नेता को सीएम का दावेदार बनाना चाहिए? यहाँ तो सीएम का दावेदार बंद कमरे में तय कर लिया और पंजाब में लोगों से फोन पर पूछकर सब कुछ किया गया. तो क्या आम आदमी पार्टी उत्तराखंड मे महज एक औपचारिकता पूरी करने के लिए आई है? क्या आम आदमी पार्टी जानती है की उनका यहाँ कल्याण होने वाला नहीं है । क्यूंकी कई चैनल्स के एग्जिट पोल उत्तराखंड मे आम आदमी पार्टी की महज 2 से 3 सीट निकाल रहे हैं जो उत्तराखंड की स्थानीय पार्टी UKD के लिए कोई बड़ी बात नहीं है जबकि उत्तराखंड क्रांति दल aap के मुक़ाबले 10 प्रतिशत भी एक्टिव नहीं है । या फिर उत्तराखंड की जनता को पंजाब की जनता के सामने AAP नासमझ समझ रही है? कारण चाहे जो भी हो लेकिन पंजाब के सामने AAP ने उत्तराखंड के लोगों से सीएम उम्मीदवार का चयन करते वक्त पूछना गंवारा नहीं समझा।