मुजफ्फरपुर: मधुबनी स्टेडियम रोड स्थित हनुमान नगर कालोनी के महावीर मंदिर में एक मिलन सम्मान समारोह सह “मूल्य आधारित मानवीय जीवन — प्राचीन एवं अर्वाचीन” विषय पर एक परिचर्चा” आयोजित की गयी, जिसके मुख्य वक्ता डा० विनोद शंकर झा, प्रोफेसर एवं अध्यक्ष, विश्वविद्यालय राजनीति विज्ञान विभाग, बी. आर. ए. बिहार विश्वविद्द्यालय, मुजफ्फरपुर से अवकाश प्राप्त कर मधुबनी में रह रहे हैं।उन्होंने विषय-वस्तु पर सारगर्भित बातों का जिक्र किया। पुरातन समय विशेष कर प्राचीन भारत में मानवीय मूल्य अपनी पराकाष्ठा पर था। वेद, आरण्यक ग्रंथ, सतपथ, ब्राह्मण ग्रंथ, श्रीमद्भगवत गीता, वाल्मिकी रामायण आदि अनेक ग्रन्थों में वर्णित है कि उस समय का समाज मानवीय मूल्यों से अधिकांशत: रक्षित था ।आधुनिक काल में दयानंद सरस्वती,राजा राममोहन राय, स्वामी विवेकानन्द, लोकमान्य तिलक, गोखले, लोहिया, अटल बिहारी वाजपेयी आदि अनेक गणमान्य दार्शिनिकों एवम राजनीतिक विचारकों ने न सिर्फ मानवीय मूल्यों से भारतीयों को उद्वेलित किया साथ उन्होनें ब्रिटिश गुलामी की जंजीरों से भारत को मुक्ति दिलाने में अमूल्य एवम सार्थक योगदान दिया। परंतु आज के दिन में श्रेष्ठ मानवीय मूल्यों के क्षरण के कारण समाज दुर्दशा की दौर से गुजर रहा है।

यद्यपि राष्ट्र और राज्य स्तर पर गणमान्य राजनीतिक व्यक्तियों, चिंतकों, दर्शिनिकों, कुछ श्रेष्ठ शासकों, संतों आदि के इस क्षरण को रोकने हेतु प्रयासरत एवम संघर्षरत हैं। प्रथम सत्र की अध्यक्षता , अवकाश प्राप्त कार्यपालक अभियंता अमृत नारायण झा जबकि द्वितीय सत्र की अध्यक्षता प्रसिद्ध प्राचार्य प्रोफेसर सी. बी. सिंह ने किया ।
विभिन्न क्षेत्र के लोगों यथा , उनमें प्रमुख हैं प्रोफेसर एन. एम. मल्लिक, प्रोफेसर सी.बी.सिंह, डी. पी. ओ. नवीन चन्द्र ठाकुर , श्री धनंजय झा, श्री अमरनाथ झा, श्री मदन चन्द्र ठाकुर, श्री अविनीश मिश्र, श्रीमती अर्चना शंकर,श्री गोपाल झा,श्री हेमकर झा, श्री चन्द्रभूषण रमण , श्री हरिकांत झा, श्री विद्यापति झा, श्री प्रमोदानन्द झा , प्रो पाठक आदि को पाग – डोपटा के साथ सम्मानित किया गया।श्री अमृत नारायण झा ने हनुमान नगर के स्थापना में योगदान देने वाले जीवन बीमा क्षेत्र से अवकाश प्राप्त लब्ध प्रतिष्ठित श्री काशी नाथ झा को भी जोरदार ढंग से स्वागत किया। इसकी सफलता का श्रेय समारोह के संयोजक श्री अमरेश मिश्र को जाता है।