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ब्याज पर कर्ज़ लेकर मां भाग गई, दो मासूम बच्चियाँ अब भीख मांग कर चुका रहीं रकम

गाजीपुर: मां के द्वारा बेटी के इलाज के लिए लिया गया कर्ज और फिर उसकी अदायगी करने के बजाए भाग जाना और फिर उस कर्ज की अदायगी छोटी बच्चियों के द्वारा प्रतिदिन भीख मांग कर किया जाना। जी हां यही कहानी गाजीपुर की 2 बच्चियों की है जो प्रतिदिन शहर में भीख मांगती हुई दिखती है और 2 दिन पूर्व भीख मांगते जब इन बच्चियों पर महिला कल्याण अधिकारी की नजर पड़ी तो इन बच्चियों ने अपनी पूरी दास्तां मीडिया के सामने बताई.

सदर कोतवाली इलाके के काशीराम आवास चांदमारी की रहने वाली साधना उम्र 10 साल और उसकी छोटी बहन उम्र 8 साल जो अपनी नानी के साथ काशीराम आवास में रहती हैं. ये दोनों प्रतिदिन मां के द्वारा किए हुए कर्ज की भरपाई के लिए और सुबह ही अपने घर से निकल जाती हैं. शहर में पूरे दिन भीख मांगती रहती हैं जिसमें उन्हें प्रतिदिन 200 से 300 मिल जाता है. जिसमें से वह कर्ज़ देने वाले को प्रतिदिन भुगतान करती रहती हैं. ताकि उन्हें कर्ज से छुटकारा मिल सके. बच्चियों ने बताया कि उन्हें भीख मांगना अच्छा नहीं लगता वह भी अन्य बच्चों की तरह पढ़ना लिखना चाहती हैं लेकिन कर्ज लेकर नहीं बल्कि कर्ज मुक्त होकर. ऐसे में कर्जा का भुगतान हो जाने के बाद पढ़ाई लिखाई भी करना शुरू करेंगी.

छोटी बहन के इलाज के लिए मां ने ब्याज पर लिए थे 5 हजार रुपए

कम उम्र के बच्चों को भीख मांगना कानून अपराध है. बावजूद इसके छोटे-छोटे बच्चे भीख मांगते हुए नजर आ जाते हैं. ऐसे बच्चों को समाज के मुख्यधारा में जोड़ने के लिए शासन की तरफ से बहुत सारी योजनाएं चल रही हैं. लेकिन योजना इन बच्चों तक कितना पहुंच पाती है यह गाजीपुर महिला शक्ति केंद्र के महिला कल्याण अधिकारी के द्वारा भीख मांगते हुए पकड़ी गई दो नाबालिग बच्चियों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है. इसमें भी सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन बच्चों ने बताया कि उनकी मां उनकी छोटी बहन के इलाज के लिए ब्याज पर पैसा बांटने वाले लोगों से ₹5000 उधार लिया और उसके बाद वह भाग गई. लेकिन ब्याज पर पैसा बांटने वाले का दिल इन मासूमों पर भी नहीं पिघला.

जब महिला कल्याण अधिकारी के पास भीख मांगने पहुंची बच्चियां

वह अपने पैसों के लिए इन बच्चों पर लगातार दबाव बनाता रहा. जिसके चलते यह बच्चियां पूरे दिन घूम घूम कर भीख मांगती है और शाम को मां के लिए हुए कर्ज की अदायगी करती हैं ऐसे में अब यह बच्ची महिला शक्ति केंद्र की महिला कल्याण अधिकारी व अन्य के हाथों लगी हैं तो अब इन बच्चियों को शासन के द्वारा चलने वाली योजनाओं का कितना लाभ मिल पाएगा देखने वाली बात होगी. बच्चियों को पकड़कर महिला शक्ति केंद्र तक लाने वाली महिला कल्याण अधिकारी नेहा राय ने बताया कि वह लोग लंच के टाइम में चाय पीने के लिए गई थी और इसी दौरान दुकान पर यह बच्चियां भीख मांगते हुए पहुंची. जिसके बाद इन लोगों को बच्ची की मासूमियत और उसके भीख मांगने को लेकर पूछताछ किया तो बच्ची ने अपनी सब बातें बता दिया.

सीडब्ल्यूसी और जिला प्रोबेशन अधिकारी को दी जानकारी

बताया कि शहर इलाके के गोरा बाजार के रहने वाले एक व्यक्ति के द्वारा इनकी मां को ₹5000 का कर्ज़ दिया गया था, जो किस्तों में ₹6000 वापस करना था इस दौरान उनकी मां कहीं चली गई और फिर उस कर्ज भुगतान बच्चियां भीख मांग कर कर रही हैं. जिसकी जानकारी उन लोगों ने सीडब्ल्यूसी और जिला प्रोबेशन अधिकारी को दिया. जिसके बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार महिला शक्ति केंद्र पहुंचे और इन बच्चों से बातचीत की.

नेहा राय ने बताया कि इन बच्चियों के द्वारा बताए गए स्थान पर पूरी टीम के साथ हम पहुंचे. वहां पर बच्ची की नानी से भी मुलाकात हुई और बच्चियों के द्वारा जो बातें बताई गई थी नानी ने भी स्वीकार किया है. जिसके बाद उनकी नानी को कड़े निर्देश देकर बच्चियों को सुपुर्द कर दिया गया है और हिदायत दी गई है कि आने वाले भविष्य में इन बच्चों से भीख नहीं मंगवा आएंगी. नेहा राय ने बताया कि ऐसे बच्चों के लिए शासन के द्वारा बहुत सारी योजनाएं चलाई जा रही हैं उनका महिला शक्ति केंद्र उन योजनाओं से इन बच्चों को आच्छादित करने का काम शुरू कर दिया है.

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Author: nirbhiknazar

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