देहरादून: प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने भाजपा के घोषणा पत्र को जुमलों से भरा बताया। उन्होने कहा चुनाव से पाँच दिन पहले कांग्रेस के दबाव में खाना पूरी कर रस्म अदाएगी की गई है। भाजपा 2017 चुनाव के लोकायुक्त व आर्थिक स्थिति को लेकर श्वेत पत्र की घोषणा को इस बार भूल गई। लोकायुक्त को अपने नेताओं के किए गये भ्रष्टाचार से बचाने को इस बार नही रखा है ।उन्होंने कहा कि जिस पार्टी केंद्रीय नेता चुनाव में किया गए वादों को स्वंय जुमले बताते हो उनके दृष्टि पत्र में भी जुमले ही है। भाजपा का अपना रिकार्ड अपनी घोषणाओं का पालन करने में बहुत ख़राब है ।पाँच वर्ष का भा जा पा का केंद्र व राज्य का कार्यकाल निराशजनक व असफलताओं का रहा है ,दृष्टि पत्र ने भी जनता को निराश किया ।
उत्तराखण्ड कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने भाजपा के दृष्टि पत्र को दृष्टिविहीन घोषणापत्र करार देते हुए इसे मतदाताओं को बहलाने की नाकाम कोशिश ठहराया है। महर्षि ने कहा कि भाजपा के इस करतब से मतदाता अपना मत बदलने वाले नहीं है। इस दृष्टि पत्र में जनता को राहत देने का न तो कोई वचन है और न ही राज्य के विकास का कोई खाका ही नजर आता है।

महर्षि ने कहा कि अब जबकि मतदान के लिए चंद दिन शेष रह गए हैं, ऐसे में भाजपा शब्दजाल बुनने की कला भी भूल गई है जबकि केवल इसी एक फन में उसे महारत हासिल है। लोक कल्याण और प्रदेश के विकास से उसका कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि 2017 के चुनाव के मौके पर भाजपा ने लोकायुक्त की नियुक्ति का वादा किया था। आज पाँच साल बाद भी प्रदेश में लोकयुक्त नहीं है। यही भाजपा का असली चेहरा है जो कहती कुछ और है और करती कुछ और।
महर्षि ने कहा कि प्रदेश की माली हालत हो या नौजवानों, महिलाओं, बुजुर्गों के लिए भाजपा के दृष्टि पत्र में कोई विजन नहीं है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था भाजपा पहले ही चौपट कर चुकी है। वह इसके अतिरिक्त कुछ नहीं कर सकती। प्रदेश के जागरूक लोग इस बात को समझ चुके हैं। रोज़गार, उद्योग, व्यापार और जनता को महंगाई से राहत दिलाने के लिए भी दृष्टि पत्र से दृष्टि पूरी तरह गायब है। उन्होंने कहा कि बेहतर होता कि भाजपा अपनी नाकामी, प्रदेश की जनता को निराश करने और अपने गुनाहों के लिए माफ़ी मांगती तो शायद लोग उस पर रहम करते। उसने यह मौका भी खो दिया है। लिहाजा उसकी विदाई तय हो गई है।