पटना: बीजेपी विधायक हरि भूषण ठाकुर बचौल ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है. बचौल ने मुसलमानों के वोटिंग पर विवादास्पद बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि मुसलमानों से वोटिंग का अधिकार छीन लेना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए. बीजेपी एमएलए ने कहा कि मुसलमानों को 1947 में दूसरा देश मिल गया है वो वहीं चले जाएं. हिन्दूस्तान में छपी खबर के अनुसार बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर ने कहा कि मुसलमान यहां रहेंगे तो उन्हें दूसरे दर्जे के का नागरिक बनकर रहना होगा. इसके साथ ही उन्होंने मुसलमानों को मानवता का दुश्मन बताया है. वह पूरी दुनिया को इस्लामिक स्टेट बनाना चाहते हैं. हरिभूषण ठाकुर बचौल ने यह बयान बजट सत्र से ठीक एक दिन पहले दिया है, बचैौल के बयान पर विधानसभा में जोरदार हंगामा हो सकता है.
“धर्म के नाम पर देश का विभाजन”
बचौल ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 1947 में देश का विभाजन हुआ, धर्म के नाम पर. इसके बाद उन्हें दूसरा देश मिल गया तो वह दूसरे देश चले जाएं.अगर यहां रह रहे हैं तो मैं सरकार से मांग करता हूं कि उनके वोटिंग राइट को खत्म कर दिया जाए. वह दूसरे स्तर के नागरिक बनकर भारत में रह सकते हैं.
उनका इस्लामिक स्टेट बनाने का एजेंडा है
इसके साथ ही बचौल ने कहा कि उनका इस्लामिक स्टेट बनाने का एजेंडा है, अफगानिस्तान में क्या कर रहे हैं, पाकिस्तान को देखिए, ये मानवता के दुश्मन है. इसलिए इनके वोटिंग राइट छीन लिए जाए. इसके साथ ही मुसलमानों के अल्पसंख्यक कहे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे अल्पसंख्ययक नहीं हैं. यह शब्द भारत के संविधान के साथ मजाक है, क्योंकि प्रस्तावना में लिखा है कि हम भारत के लोग, फिर अल्पसंख्यक कौन, बहुसंख्यक कौन.

बिहार बीजेपी विधायक हरि भूषण ठाकुर बचौल का कहना है मुसलमानों से वोटिंग अधिकार वापस ले लेना चाहिए,उनको अलग देश 1947 में मिल चुका है। pic.twitter.com/qYiHYrFsxl
— Mukesh singh (@Mukesh_Journo) February 24, 2022
जो राष्ट्रगीत नहीं गाए उनकी सदस्यता रद्द हो
तो वहीं विधानसभा में राष्ट्रगीत का AIMIM विधायकों का राष्ट्रगीत का विरोध करने पर उन्होंने कहा कि जो नहीं गाएंगे उनकी सदस्यता रद्द कर देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय को जो नहीं मानता है तो उनकी सदस्यता को रद्द कर देना चाहिए. बचौल ने कहा कि राष्ट्रगीत में क्या है, जल की वंदना है, भूमि की वंदना है, वृक्ष की वंदना है, पुष्प की वंदना है, यदि यह नहीं करेंगे तो पानी नहीं पिएं.