देहरादून: मतगणना 10 मार्च का दिन ज्यों ज्यों करीब आ रहा है, सरकार बनाने के लिए दलबदल-तोड़फोड़ की चर्चाएं भी तेज हो गई। भाजपा नेताओं की उत्तराखंड में सक्रियता को देखते हुए कांग्रेस भी संभावित राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार होने लगी है। हालांकि जाहिरा तौर पर कांग्रेस दावा कर रही है कि वो 40 से ज्यादा सीट जीतते हुए सरकार बनाने जा रही है। लेकिन अंदरखाने पार्टी के शीर्ष नेता सभी संभावनाओं पर नजर रखे हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार पूर्व सीएम हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह लगातार चुनाव लड़े पार्टी सभी प्रत्याशियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। रविवार को बद्रीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट के बयान के बाद तोड़फोड़ की चर्चाओं ने जोर पकड़ा। भट्ट का कहना है कि कांग्रेस के जीत की संभावना वाले विधायक भी भाजपा के संपर्क में हैं और मजबूत निर्दलीय प्रत्याशी भी।

इसलिए है चिंता
भाजपा शुरू से 60 से अधिक विधायक जीतने का दावा कर रही है। तो कांग्रेस का मानना है कि उसके 42 से 48 प्रत्याशी जीत रहे हैं। लेकिन बसपा,यूकेडी और आप के कुछ सीट जीतने की स्थिति में यह अंकगणित गड़बड़ा सकता है। माना जा रहा है कि भाजपा और कांग्रेस के बीच करीबी मुकाबला होने पर बहुमत का आंकड़ा जुटाने के लिए दोनों दल हर मुमकिन रास्ता अपना सकते हैं।
प्रीतम का दावा, क्लियर मेजोरिटी से बनेगी कांग्रेस सरकार
नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा को जनता ने नकार दिया है। भाजपा के विधायक जिस प्रकार आए दिन उनके खिलाफ भितरघात के आरोप लगा रहे हैं, उससे यह साबित भी हो रहा है। भाजपा के कुशासन से दुखी जनता ने कांग्रेस को आशीर्वाद दिया है। कांग्रेस स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। इसमें कोई संदेह नहीं है।
वर्ष 2016 में कांग्रेस में विभाजन के सूत्रधार रहे एक नेता की सक्रियता की बातें सामने आ रही हैं। लेकिन इस बार वो कामयाब नहीं होने वाले हैं। वर्ष 2016 और 2017 में जो लोग कांग्रेस छोड़कर गए थे, उनका हश्र पूरे प्रदेश ने देखा है। कांग्रेस के सभी प्रत्याशी निष्ठावान कांग्रेसी हैं और भाजपा के कुचक्र में कोई आने वाला नहीं है। पूरा विश्वास है कि धर्मनिरपेक्ष और सकारात्मक सोच वाले सभी दल और निर्दलीय प्रत्याशी भी कांग्रेस के साथ ही रहेंगे।
गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष-कांग्रेस