शाहजहांपुर: बंडा नगर के मोहल्ला चरनदास कॉलोनी निवासी रामकिशन और उनकी पत्नी महारानी रविवार को गांव बरीबरा के अल्ताफ को अपना बेटा बताने लगे। दंपती का कहना था कि अल्ताफ उनका आठ वर्ष पूर्व खोया हुआ बेटा है। बाद में पुलिस ने युवक को उसके घर भेज दिया। रामकिशन और महारानी ने सोमवार को बंडा के मुख्य चौराहे पर अल्ताफ को खड़ा देखा तो उसे अपना आठ वर्ष खोया पुत्र बताने लगे। अल्ताफ मजदूरी करने गोरखपुर जा रहा था और बंडा में सवारी वाहन के इंतजार में खड़ा था। युवक ने दंपती का पुत्र होने से इनकार किया तो दोनों में विवाद होने लगा। इस पर मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। जानकारी पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और अल्ताफ सहित दंपती को थाने ले आई।

रामकिशन व महारानी ने पुलिस को बताया कि आठ वर्ष पूर्व उनका 13 वर्षीय बेटा लापता हो गया था। जिसकी गुमशुदगी उन्होंने थाने में 19 जून 2014 को दर्ज कराई थी। और अल्ताफ ही उनका खोया हुआ बेटा है। उधर, अल्ताफ ने बताया कि सात वर्ष की आयु में उसकी मां का इंतकाल हो गया। पिता ने दूसरी शादी कर ली। जिसके बाद वह घर छोड़कर बंडा के गांव बरीबरा में रह रहा है।
बताया कि वह मजदूरी करने गोरखपुर जा रहा था। तभी दंपती उसे अपना बेटा बताने लगे। पुलिस ने युवक को बालिग बताते हुए स्वयं निर्णय लेने के लिए कहा। इसके बाद दंपती घर लौट गए और अल्ताफ अपने घर लौट गया। पुलिस ने दंपती को समझा-बुझाकर घर भेज दिया।