लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा में हार के बाद से समाजवादी पार्टी (सपा) चुनाव में धांधली के आरोप लगा रही है। खुद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ईवीएम में धांधली का आरोप लगाया तो अब इमरान मसूद ने भी कहा है कि चुनाव सिर्फ बैलेट पेपर से कराया जाए। चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़कर सपा में आए इमरान मसूद ने कहा कि ईवीएम में गड़बड़ी संभव है। कभी मोदी की बोटी-बोटी करने की धमकी को लेकर सुर्खियों में आए मसूद ने कहा है कि चुनावों में जीत सिर्फ उसकी होगी, जिसकी पीएम मोदी चाहेंगे।

इमरान मसूद ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कांग्रेस के चुनाव अभियान और असफलता को लेकर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जहां तक कांग्रेस का सवाल है, इसी तरह के नतीजे की उम्मीद थी। चुनाव के पहले दिन से यह साफ था कि कांग्रेस मुकाबले में नहीं है। मैं यह नहीं समझ पता कि जमीनी हकीकत को मैं देख सकता हूं तो वे (कांग्रेस नेतृत्व) क्यों नहीं? मैंने नेतृत्व को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन असफल रहा। यूपी में कांग्रेसियों को नतीजों से हैरानी नहीं है। मसूद ने ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ नारे को लेकर कहा कि कुछ चीजें पोस्टर में अच्छी लगती हैं, लेकिन जमीन पर नहीं।
ईवीएम में गड़बड़ी आसान
एक सवाल के जवाब में मसूद ने कहा, ”अखिलेश जी ने कड़ी मेहनत की और जोरदार कैंपेन चलाया। इसमें कोई शक नहीं है कि जनता ने उनका समर्थन किया। हालांकि, कुछ चीजें गलत चली गईं। अखिलेश जी ने कोई चूक नहीं की। कुछ बड़े नाम जनता के समर्थन के बावजूद हार गए। जमीन पर लोग कुछ बोल रहे थे और नतीजों में कुछ और निकला। इसलिए व्यक्तिगत तौर पर मैं महसूस करता हूं कि चुनाव सिर्फ बैलेट पेपर पर हो, क्योंकि ईवीएम में छेड़छाड़ आसान है। जब तक ईवीएम है, केवल उसकी जीत होगी, जिसे मोदी जीतते हुए देखना चाहेंगे, बाकी सबकी हार होगी। लोकतंत्र को बचाने के लिए चुनाव बैलेट पेपर से कराना जरूरी है।”
‘भाजपा को गया बसपा का वोट’
मसूद से बसपा के प्रदर्शन को लेकर सवाल किया गया और साथ ही पूछा गया कि क्या सपा अल्पसंख्यक वोटर्स को एकत्रित कर पाई? उन्होंने कहा, ”अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक का सवाल नहीं है। यह सिर्फ बीजेपी की ओर से विभाजन के लिए किया गया है। 100 फीसदी बसपा के वोट बीजेपी में ट्रांसफर हुए और भाजपा को सपा के साथ करीबी मुकाबले में फायदा हुआ। लेकिन आखिरकार सभी वोट सपा में आएंगे, क्योंकि दूसरा विकल्प नहीं है।