देहरादून: उत्तराखंड के सबसे युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पिछले कार्यकाल मे उत्तराखंड का विकास करने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी युवा सीएम ने जो छह महीने के समय मे करके दिखाया अब उसे और बेहतर करने के लिए उनके सामने पांच साल का कार्यकाल है। वहीं दिल्ली मे आप सरकार दवित्त वर्ष 2022-23 के लिए रोजगार बजट पेश कर चुकी है जिसका मकसद आर्थिक कल्याण लाना है जिसमे 20 लाख रोजगार देने का लक्ष्य रखा है. उधर पंजाब में आम आदमी पार्टी बनने के साथ ही सरकार अपने सभी वादों को अमल में लाने का काम शुरू कर दिया है. मान सरकार पंजाब मे 25 हजार सरकारी नौकरियों देने का वादा कर चुकी है इसके अलावा भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन नंबर जारी कर मान ने कहा की उनका मंत्री, विधायक, अधिकारी व सरकारी मुलाजिम रिश्वत लेता पाया गया या कमीशन मांगता पाया तो उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। अब बारी धामी सरकार की है उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा का तीन दिवसीय पहला सत्र 29 मार्च से प्रारंभ होगा। जिसमे सरकार की ओर से नए वित्तीय वर्ष में राज्य के खर्च के लिए करीब 21 हज़ार करोड़ का लेखानुदान प्रस्तुत किया जाएगा। उम्मीद है की धामी सरकार पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र, जिसे पार्टी ने दृष्टि पत्र नाम दिया था, उसके वायदों को धामी सरकार धरातल पर उतारने का काम करेगी और उत्तराखंड के लोगों को भी धामी सरकार से यही उम्मीद है की धामी प्रदेश के मुद्दों पर काम करके दिखाएंगे और विपक्ष को और आम जनता को शिकायत का मौका नहीं देंगे। पंजाब और दिल्ली को टकटकी लगाए देख रही उत्तराखंड की जनता को उम्मीद है की धामी सरकार भी उत्तराखंड के विकास के लिए कोई कम नहीं छोड़ेगी

वहीं एक तरफ जहां भाजपा उत्तराखंड मे 47 सीटें जीतकर भी हारी हुई सीटों पर मंथन करने जा रही है वहीं कांग्रेस का उत्तराखंड मे हार पर मंथन समाप्त हो चुका है लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकाला न किसी के ऊपर कार्यवाई न कुछ निष्कर्ष। विधानसभा का सत्र 1 दिन बाद शुरू होना है और कांग्रेस अब तक नेता प्रतिपक्ष भी नहीं ढूंढ सकी है एक तरफ जहां भाजपा ने उत्तराखंड मे दोबारा सरकार बनाकर कीर्तिमान स्थापित किया है कांग्रेस अभी भी धड़ों मे बनती नज़र आ रही है। जिसका नुकसान पार्टी को उठाना पड़ रहा है।
दृष्टि पत्र के इन मुद्दों पर करेंगे धामी काम
महंगाई पर नियंत्रण
रोजगार सृजन,
बेहतर कानून व्यवस्था,
महिला सशक्तीकरण,
ग्राम्य विकास,
सशक्त भू-कानून,
समान नागरिक संहिता,
बेहतर स्वास्थ्य,
शिक्षा,
ढांचागत विकास,
प्रदेश की आर्थिकी में सुधार