देहरादून: उत्तराखंड में मिथक तोड़कर लगातार दूसरी बार सत्तासीन हुई भाजपा सरकार के कैबिनेट मंत्रियों को विभाग दिये जा चुके हैं धामी सरकार के 8 कैबिनेट मंत्री विभाग मिलते ही एक्शन मोड मे नज़र आ रहे हैं विभाग से संबन्धित मंत्री अपने अपने विभागों को भरष्टाचार मुक्त बनाने की बात कर रहे हैं, धामी सरकार के मंत्रियों का सपना है की वो उत्तराखंड मे नए आयाम स्थापित करेंगे ।
- कैबिनेट मिनिस्टर धन सिंह रावत का कहना है – हम सूबे में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत करेंगे विद्यालयी शिक्षा को और बेहतर करेंगे
- कैबिनेट मिनिस्टर सतपाल महाराज का कहना है – उत्तराखंड को पर्यटन का उत्कृष्ट गंतव्य बनाया जाएगा, त्रिस्तरीय पंचायतों को और मजबूत किया जाएगा। प्रदेश में सड़कों को दुरुस्त करने के कार्यों में तेजी लाई जाएगी।
- कैबिनेट मिनिस्टर सुबोध उनियाल का कहना है – महकमे मे भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, काम-काज मे पारदर्शिता लाई जाएगी।
- कैबिनेट मिनिस्टर चन्दन रामदास का कहना है – परिवहन निगम की आर्थिकी को दुरुस्त करने की दिशा में काम किया जाएगा।समाज कल्याण में अंतिम व्यक्ति तक योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
- कैबिनेट मिनिस्टर गणेश जोशी का कहना है – उपनल में पूर्व सैनिक व उनके बच्चों को नौकरी दी जाएगी। इसके साथ ही सरकार जल्द ही चकबंदी भी लागू करेगी।
- कैबिनेट मिनिस्टर रेखा आर्य का कहना है – राज्य में खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आगे बढऩे के अधिक से अधिक अवसर दिलाना उनकी प्राथमिकता है।
- कैबिनेट मिनिस्टर सौरभ बहुगुणा का कहना है – सरकार की प्राथमिकता युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोडऩा है।रोजगार, स्वरोजगार व मातृशक्ति के हित के लिए योजना बनाई जाएगी।
- कैबिनेट मिनिस्टर प्रेम चंद अग्रवाल का कहना है – राज्य के वित्तीय संसाधन बढ़ें और वित्तीय प्रबंधन ठीक से हो, इस पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, ताकि अधिक ऋण लेने की स्थिति न आए।

वहीं धामी सरकार सौ दिन का रोडमैप तैयार कर आगे बढ़ेगी। धामी सरकार के मंत्री इसी हिसाब से अपनी तैयारी कर रहे हैं। इस कड़ी में प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं को गति देने के साथ ही वे नई योजनाओं का खाका खींचने में जुट गए हैं। मंत्रियों ने कार्यभार संभालते ही समीक्षाओं का दौर भी शुरू कर दिया है। यानि मंत्रियों की तैयारी को देखकर तो यही लगता है की पिछली बार की तरह इस बार भी उत्तराखंड मे धामी कैबिनेट एक मजबूत कैबिनेट के रूप मे कार्य करेगी लेकिन कांग्रेस के आरोप खत्म होने का नाम नहीं ले रहे कांग्रेस आरोप लगा रही है की मंत्रियों पर विभागों का बोझ लाद दिया गया है और 3 मंत्रियों के पद जानबूझकर खाली छोड़े गए हैं अगर विभागों को मंत्री नहीं मिलेंगे तो उत्तराखंड का नुकसान होगा इसलिए खाली पड़े मंत्रियों के 3 पद भी सरकार को भर देने चाहिए।