प्रतापगढ़: जिले के थाना कोंहडौर के निकट खास कस्बे में पटाखों और गैस सिलेंडर में विस्फोट से दो लोगों की मौत हो गई और छह झुलस गये। पुलिस ने रविवार को बताया कि यह हादसा शनिवार की रात का है। पुलिस के अनुसार आतिशबाज के घर में टाइल्स लगाने के दौरान कटर मशीन की चिंगारी से पटाखों में लगी आग से गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया और दो लोगों की मौत हो गई, जबकि छह लोग झुलस गये। कोहंडौर के थाना प्रभारी निरीक्षक बच्चे लाल ने बताया कि आतिशबाज अशफाक के घर टाइल्स लगाने का काम हो रहा था, तभी कटर मशीन से निकली चिंगारी से पटाखों में आग लगी और इसके बाद गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया।
उन्होंने बताया कि इससे शकील (48) और संदीप पटवा (24) की मौत हो गई, जबकि सगीर (48), शाजिया बानो (18), राजेश (30), नजमा बानो (38), शहनाज (30) और जिया (पांच) गंभीर रूप से झुलस गए। उन्होंने बताया कि घायलों को प्रतापगढ़ के मेडिकल कालेज में प्राथमिक उपचार करने के बाद एसआरएन, प्रयागराज रेफर कर दिया गया है।

नमाज की वजह से बच गई आधे परिवार की जान
गनीमत रही कि जिस समय आग लगी उस समय परिवार के आधे सदस्य नमाज पढ़ने मस्जिद गए थे। नहीं तो वे भी आग में फंस जाते। यही चर्चा दूसरे दिन बाजार में होती रही। जिस समय आग लगी उस समय सगीर की बेटी गुड़िया किचन में खाना पकाने गई थी। मिस्त्री संदीप पटवा अपने जीजा राजेश के साथ किचन में टाइल्स काट रहा था। अशफाक का बेटा शकील दूसरी मंजिल के कमरे में चारपाई पर लेटकर टीवी देख रहा था। पहली मंजिल पर शकील की पत्नी रानी, मां शाहजहां व बच्चे थे। सगीर दूसरे मंजिल से सीढ़ियों से होते हुए किसी काम से तीसरी मंजिल पर जा रहा था जबकि अशफाक अपने बेटों वसीम, मुकीम, वकील तथा पड़ोसी फिरोज के साथ नमाज पढ़ने गया था। इन लोगों ने मस्जिद में नमाज पढ़ना शुरू किया था तभी घर से विस्फोट की आवाजें आने लगी थीं। वह लोग घर पहुंचे तो पूरा मकान आग की चपेट में आ चुका था। खिड़की दरवाजे तोड़कर पड़ोसियों के मकानों से किसी तरह घरवालों को निकाला गया। गुड़िया, सगीर व राजेश आग की लपटों से घिरे हुए खुद ही बाहर आ गए। लेकिन टाइल्स काट रहा संदीप व बिस्तर पर लेटकर टीवी देख रहा शकील आग के बीच फंसकर जिंदा जल गए।