नई दिल्ली: दिल्ली में आज एक पुस्तक-लॉन्च कार्यक्रम में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने जोरदार भाषण दिया और अपने दिल की बात खोलकर रख दी. राहुल गांधी ने बातों-ही-बातों में बहुत कुछ कह दिया. राहुल ने कहा कि आज देश में ऐसे राजनेता हैं जो सत्ता की खोज में रहते हैं. सुबह उठते हैं और कहते हैं भैया सत्ता कैसे मिलेगी. रात होती है सो जाते हैं फिर सुबह उठते ही सोचने लगते हैं भैया सत्ता कैसे मिलेगी.ऐसे लोग हिंदुस्तान में आज भरे हुए हैं. अब उसमें मेरी एक प्रॉब्लेम आ गई. अजीब सी बात है मैं सत्ता के बीच में पैदा हुआ, बिल्कुल बीच में. लेकिन बड़ी अजीब सी बीमारी है, ईमानदारी से कहता हूं- मुझे इसमें कोई दिलचस्पी ही ही नहीं है. मैं रात को सोता हूं, अपने देश को समझने की कोशिश करता हूं. मैं सुबह जगता हूं तो अपने प्यारे देश को समझने की कोशिश करता हूं. जैसे एक प्रेमी होता है, वो अपने प्रेम को समझने की कोशिश करता है.
#WATCH There're politicians who're in pursuit of power. They ponder upon attaining power throughout…I was born in centre of power but honestly, I don't have interest in it. Instead, I try to understand the country: Congress MP Rahul Gandhi at a book-launch event in Delhi pic.twitter.com/DH1rltlYzE
— ANI (@ANI) April 9, 2022
राहुल गांधी ने कहा कि आज कोई भी राजनेता, जैसे मायावती ने चुनाव ही नहीं लड़ा. हमने मायावती जी को मैसेज किया, अलायंस कीजिए चीफ मिनिस्टर तक बनिए. उन्होंने बात तक नहीं की. जिन लोगों ने कांशीराम जी ने खून पसीना देकर दलित-पिछले लोगों को जगाया. उससे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को नुकसान भी हुआ, खैर, आज मायावती जी कहती हैं कि मुझे कोई मतलब नहीं. इसकी क्या वजह है जानते हैं-सीबीआई-ईडी पेगासस
#WATCH Mayawatiji didn't fight elections, we sent her the message to form an alliance but she didn't respond. Kanshi Ram Ji raised voice of Dalits in UP, though it affected Congress. This time she didn't fight for Dalit voices because there are CBI, ED & Pegasus: Rahul Gandhi pic.twitter.com/Jf7nvHAec0
— ANI (@ANI) April 9, 2022
राहुल ने कहा कि हमें संविधान की रक्षा करनी है. संविधान को बचाने के लिए हमें अपनी संस्थाओं की रक्षा करनी होगी. लेकिन सारी संस्थाएं आरएसएस के हाथों में हैं.