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अब धामी सरकार, करेगी बुलडोजर से प्रहार ! पांच सरकारी स्कूल, चार मदरसे, 25 धार्मिक स्थल और अस्पताल होंगे ध्वस्त

हल्द्वानी: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यानाथ के बुल्डोजर अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार गरज रहे हैं। वहीं अब उत्तराखंड में धामी सरकार का बुल्डोजर चलने जा रहा है। रेलवे और उत्तराखंड सरकार अतिक्रमण के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। हल्द्वानी में रेलवे भूमि से अतिक्रमण हटाने की कवायद का मामला सुर्खियों में है। सोमवार को रेलवे अपना मास्टर प्लान डीएम के सामने रखेगा। रेलवे की रिपोर्ट के मुताबिक, अतिक्रमण के दायरे में पांच स्कूल व एक अस्पताल भी आ रहे हैं। इसके अलावा धार्मिक स्थल व पानी के ओवरहैड टैंक भी शामिल हैं।

गौलापार निवासी आरटीआइ एक्टिविस्ट एवं याचिकाकर्ता रविशंकर जोशी ने रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए हाई कोर्ट की शरण ली थी। हाई कोर्ट ने अतिक्रमण को गंभीर बताते हुए डीएम व रेलवे के अधिकारियों से जवाब तलब किया है। रेलवे जमीन का सीमांकन कर चुका है। चार दिन पहले ड्रोन से मैपिंग भी की गई।

रेलवे की रिपोर्ट के मुताबिक, अतिक्रमण की जद में आए 4365 वादों की रेलवे प्राधिकरण में सुनवाई हुई। जिसमें 4356 वादों का निस्तारण हो चुका है। अतिक्रमणकारी कब्जे को लेकर कोई ठोस सबूत नहीं दिखा पाए। अब रेलवे ने मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। इसमें बताया गया है कि इंदिरानगर व गफूरबस्ती में पांच सरकारी स्कूल व इंदिरानगर में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए हैं। इज्जतनगर मंडल रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि अतिक्रमण हटाने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है। 11 अप्रैल को इसे डीएम नैनीताल को सौंप दिया जाएगा।

ये स्कूल हैं शामिल

– प्राथमिक विद्यालय लाइन नंबर 17-18

– राजकीय इंटर कालेज इंदिरानगर

जूनियर हाईस्कूल लाइन नंबर 17

– ललित आर्य महिला इंटर कालेज चोरगलिया रोड

– प्राथमिक विद्यालय इंद्रानगर

चार मदरसे भी क्षेत्र में

– नैनीताल पब्लिक स्कूल मदरसा

– निषाद मेमोरियल मदरसा

– हयात-ऊलूम मदरसा

– मदरसा गरीब नवाज

25 धार्मिक स्थल हैं रेलवे की जमीन पर

रेलवे की जमीन पर गोपाल मंदिर, शिव मंदिर समेत पांच मंदिर भी बने हुए हैं। साथ ही 20 मस्जिदें भी हैं। इंदिरानगर व गफूरबस्ती में कई समुदाय के लोग निवासरत हैं। हालांकि ज्यादा आबादी एक समुदाय विशेष की है। इसके अलावा दो पेयजल टैंक भी इंदिरानगर व गफूरबस्ती में रेलवे की जमीन पर बने हुए हैं।

बीईओ बोले, अभी कोई जानकारी नहीं

बीईओ एचके मिश्रा का कहना है कि बनभूलपुरा में स्कूलों के अतिक्रमण की जद में आने की जानकारी उनके पास नहीं है। उन्होंने बताया कि पूर्व में लालकुआं में रेलवे ने अतिक्रमण हटाया था। लेकिन एक सरकारी स्कूल को बचाया गया था। वहां रेलवे की जमीन पर आज भी स्कूल चल रहा है।

सरकारी योजनाओं से लाभान्वित हैं लोग

रेलवे की जमीन पर बसे लोग सभी सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। राशन कार्ड, आधार कार्ड के साथ ही उनके स्थायी निवास प्रमाणपत्र भी बने हैं। प्रधानमंत्री पीएम आवास योजना से भी सैंकड़ों लोग लाभान्वित हो चुके हैं।

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Author: nirbhiknazar

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