देहरादून : उत्तराखंड में करन सिंह माहरा को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और यशपाल आर्य को नेता प्रतिपक्ष बनाने के बाद से ही पार्टी में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। विधानसभा चुनावों में हार का ठीकरा गुटबाजी और राज्य के नेताओं पर फोड़ने की बात के आधार पर संगठन में बदलाव की बात प्रदेश के नेताओं के गले नहीं उतर रही है। यही कारण है कि शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ राज्य के शीर्ष नेता से लेकर कार्यकर्ता तक मुखर हो रहे हैं।
राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी के आरोपों से प्रीतम सिंह क्षुब्ध
चकराता विधानसभा से लगातार छह बार जीत दर्ज करने वाले पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने विधानसभा चुनाव में हार के कारणों को लेकर गुटबाजी के आरोपों काे सिरे से खारिज कर दिया है। मीडिया से बातचीत में प्रीतम ने कहा है कि राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी ने स्थानीय नेताओं पर गुटबाजी का गंभीर आरोप लगाया है। यदि मुझ पर गुटबाजी की बात साबित होती है तो मैं तत्काल इस्तीफा दे दूंगा। उन्होंने कहा कि मुझ पर शीर्ष नेताओं का आरोप सरासर गलत है।

प्रदेश महासचिव बिष्ट ने कांग्रेस हाईकमान पर लगाए आरोप
नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में शामिल द्वाराहाट विधायक व प्रदेश महासचिव मदन सिंह बिष्ट ने भी तेवर तल्ख दिखाए हैं। उन्होंने कांग्रेस हाईकमान को ही निशाने पर लिया है। विधायक ने शीर्ष नेतृत्व को नौसिखिया बताते हुए कि शीर्ष पर बैठे लोग पार्टी को आगे बढ़ाने की बजाय डुबाने पर तुले हैं। जब तक हाईकमान में बदलाव नहीं किया जाता कांग्रेस का भला नहीं हो सकता। विधायक ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के नकारापन के कारण पंजाब और उत्तराखंड में पार्टी की ये दुर्गति हुई।
रणजीत रावत समर्थित खेमा भी नाराज
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य को बनाए जाने से रणजीत रावत समर्थित कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता भी खफा हो गए हैं। उन्होंने पूर्व सीएम हरीश रावत, यशपाल आर्य से लेकर गांधी परिवार को निशाने पर लेते हुए मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने हरीश रावत के दबाव में ही प्रीतम सिंह को नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाने का आरोप गांधी परिवार पर लगाया है। पूर्व ब्लाक व कांग्रेस नेत्री बसंती आर्य के आवास पर उनके समर्थकों की बैठक हुई। बैठक में रामनगर से कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्र पाल को हरीश रावत व यशपाल आर्य गुट पर रामनगर से हराने का आरोप लगाया है। फिर भी कांग्रेस प्रत्याशी को हराने के मुख्य किरदार हरीश रावत के दबाव में हाइकमान ने अंतिम समय में निर्णय बदकर प्रीतम सिंह की जगह यशपाल आर्य को नेता प्रतिपक्ष बना दिया।