देहरादून: एक तरफ जहां उत्तराखंड कांग्रेस में इन दिनों उथल-पुथल मची हुई है वहीं भाजपा मे भी प्रदेश अध्यक्ष बदलने की सुगबुगाहट तेज हो गई है. राष्ट्री य महामंत्री संगठन बीएल संतोष भी 24 अप्रैल को उत्तराखंड आ सकते हैं. माना जा रहा है कि उनके दौरे के बाद भाजपा कोई फैसला ले सकती है। वहीं कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व से तकरीबन 10 कांग्रेसी विधायक नाराज बताए जा रहे हैं. विधायकों की नाराजगी की खबरों के बीच पार्टी ऑपरेशन डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया है. नवनियुक्त प्रदेश पार्टी अध्यक्ष करण माहरा और राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने संकट को टालने के लिए उनसे व्यक्तिगत तौर पर बातचीत की. लेकिन अभी संकट टला या नहीं इस बारे मे कुछ कह पाना मुश्किल है । इस सब उथल पुथल के बाद भी तमाम कांग्रेसी दिग्गज नेता ये कहते हुए नज़र आ रहे हैं की हमारी पार्टी मे कोई नेता पार्टी से नाराज़ नहीं हैं और न ही एक –दूसरे से कोई नाराज़ है। वहीं भाजपा कांग्रेस मे हुए घटनाक्रम पर जमकर चुटकी ले रही है भाजपा इसे उनका अंदरूनी मामला भी बता रही है और कटाक्ष करने मे भी कोई कमी नहीं छोड़ रही है भाजपा का कहना है प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक कांग्रेस मे गुटबाजी और गृह युद्ध जारी है जिसे रोक पाना कांग्रेस के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा। अब कांग्रेस मे ग्रहयुद्ध शांत हुआ या नहीं ये तो पार्टी के नेता ही बता सकते हैं ।

वहीं विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के नेताओं के ऊपर लगे भीतरघात के आरोप के चलते कुछ नेताओं और पदाधिकारियों का पद खतरे मे है, जिनमे से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक भी एक हैं। आरोपों मे फंसे नेताओं पर गाज गिर सकती है। आपको बता दें हरिद्वार से विधायक और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक पर विधानसभा चुनाव में लक्सर से बीजेपी कैंडिडेट रहे संजय गुप्ता समेत कई प्रत्याशियों ने भीतर घात का आरोप तो लगाया ही था, साथ ही हरिद्वार में पार्टी को उचित रिजल्ट न दे पाने के कारण भी निशाने पर हैं। हरिद्वार जिले में विधानसभा की सबसे अधिक 11 सीटें हैं, लेकिन बीजेपी यहां मात्र तीन सीटें ही जीत पायी जबकि मदन कौशिक हरिद्वार से ही विधायक हैं। बताया जा रहा है कि इसके चलते बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व उनसे खासा नाराज है। इसके चलते उनको कैबिनेट में भी नहीं लिया गया। जानकारी के मुताबिक बीएल संतोष 24 अप्रैल को उत्तराखंड आ सकते हैं । माना जा रहा है कि उनके दौरे के बाद पार्टी कोई फैसला ले सकती है। अगर भाजपा उत्तराखंड मे प्रदेश अध्यक्ष बदलती है तो समीकरण के मुताबिक भाजपा ने कुमाऊं मण्डल से सीएम पुष्कर धामी को रिपीट कर दिया है जिसके बाद अगर मदन कौशिक को हटाया जाता है तो भाजपा को गढ़वाल मंडल से कोई ब्रहमन चेहरा ही नए प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर तलाशना होगा ज्सिके लिए रमेश पोखरियाल निशंक सबसे सटीक चेहरा हैं । वहीं बीजेपी नेताओं का कहना है की परिवर्तन चलता रहता है हमारी पार्टी मे परिवारवाद नहीं है जैसा 70 साल से भाजपा मे नज़र आ रहा है भाजपा मे किसी को भी कोई भी दायित्व दिया जा सकता है।