देहरादून: उत्तराखंड मे सीएम पुष्कर सिंह धामी के चंपावत विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना तय हो गया है भाजपा विधायक कैलाश चंद्र गहतोड़ी ने विधानसभा अध्यक्ष रितु भूषण खंडूड़ी को विस की सदस्यता से अपना त्यागपत्र सौंप दिया हैं। जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने मंजूर कर लिया है। आपको बता दें उत्तराखंड मे भाजपा ने भले ही धामी के सर पर जीत का सेहरा बांध कर उन्हे फिर दोबारा सीएम पद की कमान सौंप दी हो लेकिन धामी के सामने अभी उपचुनाव की चुनौती है । आपको बता दें संविधान के अनुच्छेद 164 (4) के तहत किसी भी सीएम को जो विधानसभा का सदस्य न हो उन्हें छह महीने के भीतर विधानसभा सदन की सदस्यता ग्रहण करनी होती है। और पुष्कर सिंह धामी को भी यही करना होगा चुनाव लड़ना भी होगा और सीएम बने रहने के लिए जीतना होगा। जो चुनौती भरा हो सकता है। और ये चुनौती इसलिए भी बढ़ सकती है क्योंकि इस उपचुनाव मे कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी भी मैदान मे उतरेगी। कांग्रेस की बात करें तो, कांग्रेस ये दावा कर रही है की वो इस उपचुनाव को एक अवसर के तौर पर देख रही है यानि कांग्रेस के मुताबिक वो सीएम धामी के खिलाफ एक ऐसा उम्मीदवार उतरेंगे जो मजबूत हो और उसे जीतने के लिए जी जान लगा देंगे बीते विधानसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेस 70 मे से 19 सीटों पर सिमट गई थी और कांग्रेस के दिग्गज गणेश गोदियाल, हरीश रावत तक चुनाव हर गए थे । और बगावत खुलकर सामने आई थी और कांग्रेस के विधायक हरीश धामी तो अब तक बगावत पर उतारू हैं उन्होने सीएम धामी को अपनी सीट से चुनाव लड़ाने का न्योता तो दिया ही था साथ ही ये ऐलान भी किया था की वो अगला विधानसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर नहीं लड़ेंगे।

उपचुनाव मे बात सिर्फ बीजेपी कांग्रेस तक ही सीमित नहीं है, उत्तराखंड की नई नवेली आम आदमी पार्टी भी उपचुनाव मे अपनी किस्मत आजमाएगी। लेकिन अगले विधानसभा चुनाव के लिए मेहनत करने की बात करने वाली आप फिलहाल तो उत्तराखंड छोड़ हिमाचल दौड़ गई है। उत्तराखंड मे आम आदमी पार्टी निष्क्रिय सी हो गई है। लेकिन नेताओं के मुताबिक अब आम आदमी पार्टी मे संगठन का पुनर्गठन होगा और नेताओं को नया पद और ज़िम्मेदारी सौंपी जाएगी जिसके बाद आम आदमी पार्टी सीएम धामी के सामने उपचुनाव मे कूदेगी। यानि उत्तराखंड मे बुरी तरह हारी हुई आम आदमी पार्टी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव मे भले ही शून्य पर सिमट गई हो लेकिन पार्टी के नेताओं का दावा है की धामी के उपचुनाव मे पार्टी नए कलेवर और नए रूप मे नज़र आएगी क्योंकि आम आदमी पार्टी मे संगठन का विस्तार भी होना है माना ये जा रहा है की काशीपुर से दीपक बाली को पार्टी प्रदेश अध्यक्ष बना सकती है । और उनके नेत्रत्व मे पार्टी आगे बढ़ सकती है । क्योंकि विधानसभा चुनाव मे भले ही दीपक बाली हार गए हों लेकिन उनका प्रदर्शन जनता के बीच अच्छा प्रदर्शन रहा । जिसको देखते हुए यही माना जा रहा है की दीपक बाली आम आदमी पार्टी मे प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभाल सकते हैं